टी20 वर्ल्ड कप फाइनल: अभिषेक शर्मा ने शिवम दुबे के बल्ले से जड़ा अर्धशतक

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब जीता। इस मैच में अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों में 52 रनों की पारी खेली। मैच के बाद खुलासा हुआ कि अभिषेक ने खराब फॉर्म से उबरने के लिए शिवम दुबे के बल्ले का इस्तेमाल किया था।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज करते हुए विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। इस ऐतिहासिक जीत के नायक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा रहे, जिन्होंने फाइनल जैसे बड़े मंच पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से कीवी गेंदबाजों को पस्त कर दिया। अभिषेक ने मात्र 21 गेंदों का सामना करते हुए 52 रनों की तूफानी पारी खेली। इस पारी के दौरान उन्होंने 3 छक्के और 6 चौके लगाए, जिससे भारत को एक विशाल स्कोर खड़ा करने में मदद मिली।

शिवम दुबे के बल्ले से बदली किस्मत

मैच के बाद एक दिलचस्प खुलासा हुआ कि अभिषेक शर्मा ने इस निर्णायक मुकाबले में अपने स्वयं के बल्ले के बजाय टीम के साथी खिलाड़ी शिवम दुबे के बल्ले का उपयोग किया था और अभिषेक ने आधिकारिक तौर पर बताया कि टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में लगातार खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि सुबह उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें बदलाव की जरूरत है, जिसके बाद वह शिवम दुबे के पास गए और उनका बल्ला उधार मांगा। अभिषेक के अनुसार, यह फैसला उनके लिए काफी लकी साबित हुआ और उन्होंने इस बल्ले से अपनी लय वापस पा ली।

18 गेंदों में जड़ा सबसे तेज अर्धशतक

अभिषेक शर्मा ने इस मैच में न केवल रन बनाए, बल्कि रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने महज 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सबसे तेज अर्धशतक है। उनकी इस पारी ने भारतीय टीम को पावरप्ले में वह गति प्रदान की जिसकी आवश्यकता फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में होती है। 62 रहा, जिसने न्यूजीलैंड के मुख्य गेंदबाजों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना दिया।

संजू सैमसन के साथ निर्णायक साझेदारी

भारतीय पारी के दौरान अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के बीच हुई 98 रनों की साझेदारी ने टीम इंडिया की जीत की आधारशिला रखी। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और कीवी क्षेत्ररक्षकों को व्यस्त रखा। इस साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी फाइनल मैच का सबसे बड़ा स्कोर है। संजू सैमसन ने भी दूसरे छोर से अभिषेक का बखूबी साथ निभाया और स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया।

टूर्नामेंट में अभिषेक शर्मा का सफर

अभिषेक शर्मा के लिए यह पूरा टूर्नामेंट उतार-चढ़ाव भरा रहा था। फाइनल से पहले वह लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट हुए थे, जिसके कारण उनकी काफी आलोचना भी हो रही थी। 6 की औसत से कुल 141 रन बनाए। हालांकि, दुनिया के नंबर 1 टी20 बल्लेबाज होने के नाते उन पर काफी उम्मीदें थीं। फाइनल में खेली गई उनकी 52 रनों की पारी ने उनके पिछले सभी खराब प्रदर्शनों को पीछे छोड़ दिया और टीम की जीत में सबसे बड़ा योगदान दिया।

भारत की 96 रनों से बड़ी जीत

256 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। भारत ने यह मुकाबला 96 रनों के बड़े अंतर से जीता। अभिषेक शर्मा की शुरुआती आतिशबाजी ने भारतीय गेंदबाजों को बचाव के लिए एक सुरक्षित स्कोर दिया था। न्यूजीलैंड की पूरी टीम भारतीय आक्रमण के सामने बिखर गई और भारत ने एक बार फिर टी20 क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम की। मैच के बाद पूरी टीम ने अभिषेक शर्मा के इस साहसी फैसले और उनकी शानदार पारी की सराहना की।