अमेरिका में 2026 के मिड टर्म इलेक्शन के बाद राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में फिर से अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है। हालांकि, सीनेट की दो सीटों पर अभी भी नतीजे का इंतजार है। ये सीटें मिसिसिपी और अलास्का राज्य की हैं। दोनों जगह मुकाबला इतना करीबी है कि फिलहाल किसी भी उम्मीदवार की जीत का एलान नहीं किया गया है। कहीं कुछ हजार वोटों की गिनती बाकी है, तो कहीं वोट गिनने का तरीका नतीजे आने में देरी कर रहा है।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव की प्रक्रिया
अमेरिका में हर चार साल में राष्ट्रपति चुनाव होता है, जबकि हर दो साल में संसद के चुनाव भी कराए जाते हैं। राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच होने वाले चुनाव को मिडटर्म इलेक्शन कहा जाता है। इसमें संसद के दोनों सदनों यानी प्रतिनिधि सभा और सीनेट के लिए मतदान होता है। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी को कम से कम 54 सीटें मिलने की स्थिति है। हालांकि, मिसिसिपी और अलास्का की दो सीटों पर नतीजे आने बाकी हैं। अगर डेमोक्रेट्स ये दोनों सीटें जीतते हैं, तो सीनेट में उनकी स्थिति और मजबूत हो सकती है।
मिसिसिपी में सिर्फ 1,138 वोटों का अंतर
मिसिसिपी में रिपब्लिकन उम्मीदवार और मौजूदा सांसद सिंडी हाइड-स्मिथ का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्कॉट कोलम से है। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, बुधवार रात तक स्कॉट कोलम 1,138 वोटों से आगे चल रहे थे। यहां करीब 96 फीसदी वोटों की गिनती पूरी हो चुकी थी। देरी की मुख्य वजह डाक से भेजे गए वोट और प्रोविजनल बैलेट हैं। प्रोविजनल बैलेट ऐसे वोट होते हैं, जिनमें मतदाता की पहचान या पात्रता की जांच बाकी होती है। मिसिसिपी में ऐसे वोटों की जांच के लिए 10 दिन का समय मिलता है। वहीं, चुनाव के बाद पांच कार्यदिवस तक कुछ पोस्टल बैलेट भी एक्सेप्ट किए जा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 3,600 पोस्टल बैलेट्स की गिनती बाकी थी। राज्य में नतीजों को 13 नवंबर तक सर्टिफाइड किया जाना है।
अलास्का में वोट गिनने का अलग तरीका और मुकाबला
अलास्का में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मैरी पेल्टोला और रिपब्लिकन सांसद डैन सुलिवन के बीच मुकाबला है। बुधवार रात तक पेल्टोला 637 वोटों से आगे थीं और करीब एक चौथाई वोटों की गिनती बाकी थी। यहां रैंक्ड चॉइस वोटिंग प्रणाली लागू है। इसमें मतदाता उम्मीदवारों को अपनी पसंद के हिसाब से पहली, दूसरी और तीसरी प्राथमिकता देते हैं। अगर किसी उम्मीदवार को पहली पसंद के वोटों में 50 फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिलते, तो सबसे कम वोट पाने वाला उम्मीदवार बाहर हो जाता है। उसके वोट दूसरी पसंद के उम्मीदवारों को दे दिए जाते हैं। ये प्रक्रिया तब तक चलती है, जब तक किसी को बहुमत नहीं मिल जाता। अलास्का में इसके अंतिम नतीजे 18 नवंबर को आने की उम्मीद है।
दो डैन सुलिवन के नाम ने भी बढ़ाया विवाद
अलास्का चुनाव में एक और दिलचस्प मामला सामने आया। यहां डैन सुलिवन नाम के दो उम्मीदवार मैदान में थे और एक मौजूदा रिपब्लिकन सांसद डैन एस सुलिवन हैं, जबकि दूसरे डैन जे सुलिवन जूनियर हैं, जो रिटायर्ड शिक्षक हैं। इस मामले को लेकर अमेरिकी न्याय विभाग ने चुनाव परिणामों को प्रमाणित करने की प्रक्रिया रोकने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी और विभाग का दावा था कि एक जैसे नाम होने से मतदाताओं में भ्रम पैदा हो सकता है। हालांकि, संघीय अदालत ने याचिका खारिज कर दी। न्याय विभाग ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है।
