सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्ट्रेस अंजलि अरोड़ा का कानपुर के कार्यक्रम में हुआ विवाद अब तूल पकड़ चुका है और मामला थाने तक पहुंच गया है और कार्यक्रम के आयोजक अनुभव राज और आशीष गुप्ता ने अंजलि अरोड़ा और उनकी मैनेजर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए स्वरूप नगर थाने में एक औपचारिक प्रार्थना पत्र दिया है। आयोजकों ने अंजलि पर वादाखिलाफी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम और विवाद के कारण उन्हें पन्द्रह लाख रुपये से बीस लाख रुपये तक का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। आयोजकों ने अंजलि अरोड़ा से कार्यक्रम में दी गई अपनी भुगतान की गई रकम को वापस कराने यानी रिफंड की मांग की है, साथ ही सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात भी कही है। आयोजकों का यह भी कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे और कोर्ट जाएंगे। हालांकि, इस मामले में फिलहाल पुलिस की ओर से एफआईआर यानी एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ वही लोकप्रिय कच्चा बादाम गाना है, जिस पर बनाई गई रील वीडियो के माध्यम से अंजलि अरोड़ा रातों-रात सोशल मीडिया सेंसेशन बनी थीं और उन्हें देश भर में बड़ी पहचान मिली थी। आयोजकों के अनुसार यह विवादित कार्यक्रम 15 अक्टूबर को कानपुर के मोतीझील स्थित लाजपत भवन लॉन में नगाड़ा नाइट नाम से एक भव्य डांडिया कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया था। आयोजकों का यह आरोप है कि जैसे ही कार्यक्रम के दौरान गलती से डीजे पर कच्चा बादाम गाना बजा, वैसे ही अंजलि अरोड़ा बेहद नाराज हो गईं। उन्होंने मंच पर ही अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की और कुछ ही मिनटों के भीतर अचानक मंच छोड़कर चली गईं। इसके बाद अंजलि की टीम ने आयोजन और मैनेजमेंट की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए। अब आयोजक पक्ष ने भी सामने आकर अपना पक्ष रखा है और कलाकार तथा उनकी टीम पर तय की गई शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं। आयोजकों का कहना है कि उन्होंने अंजलि की टीम के साथ सभी नियमों और शर्तों पर आपसी सहमति बनाई थी, लेकिन ऐन मौके पर उनका इस तरह से चले जाना पूरी तरह से अनुचित था।
कार्यक्रम के आयोजक अनुभव राज और आशीष गुप्ता ने मीडिया और पुलिस के सामने अपनी बात रखते हुए बताया कि अंजलि अरोड़ा को इस डांडिया कार्यक्रम में एक विशेष अतिथि और मुख्य परफॉर्मर के रूप में आमंत्रित किया गया था और आयोजकों का कहना है कि जेन जी पीढ़ी के बीच अंजलि की जबरदस्त लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने कार्यक्रम से पहले करीब एक महीने तक शहर में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया था। आयोजकों का दावा है कि जब कार्यक्रम चल रहा था, तब डीजे की तकनीकी गलती के कारण केवल तीन से चार सेकंड के लिए ही कच्चा बादाम गाना बज गया था। इस गाने के बजते ही आयोजकों ने उसे तुरंत तीन से चार सेकंड के भीतर ही बंद भी करवा दिया था। इसके बावजूद अंजलि इतनी अधिक नाराज हो गईं कि उन्होंने हालात को समझने की कोशिश नहीं की और कुछ ही देर में कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चली गईं और ऐसे में आयोजकों ने बड़ा सवाल उठाया है कि यदि उस गाने को लेकर कलाकार को कोई भी आपत्ति थी, तो इसे मौके पर ही आपसी बातचीत के माध्यम से आसानी से सुलझाया जा सकता था। उनका यह भी कहना है कि इस तरह अचानक मंच छोड़कर चले जाने से पूरे कार्यक्रम का शेड्यूल और समय सारणी बुरी तरह से प्रभावित हो गई। हालांकि, गाने को लेकर कलाकार और आयोजकों के बीच मंच पर क्या सहमति हुई थी, इसकी किसी भी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
आयोजकों अनुभव राज और आशीष गुप्ता ने आगे आरोप लगाया कि अंजलि अरोड़ा की टीम के साथ आने से पहले कुल चार मुख्य गतिविधियां तय की गई थीं। इन तय गतिविधियों में अंजलि की शानदार परफॉर्मेंस देना, कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों को मंच पर मोमेंटो देकर सम्मानित करना, वहां मौजूद दर्शकों के साथ बातचीत करना और अंत में सभी आयोजकों के साथ फोटो खिंचवाना शामिल था। आयोजकों के मुताबिक, अंजलि के मंच पर आने के करीब दस से पंद्रह मिनट के भीतर ही यह पूरा विवाद शुरू हो गया, जिसके कारण बाकी की सभी तय गतिविधियां बीच में ही अधूरी रह गईं और प्रभावित हुईं। अनुभव राज ने यह भी दावा किया कि अंजलि की फ्लाइट कानपुर के लिए करीब चालीस मिनट की देरी से शाम चार बजकर पांच मिनट पर पहुंची थी। इसके बाद हवाई अड्डे से बाहर आने में भी उन्हें लगभग चालीस मिनट का अतिरिक्त समय लग गया। आयोजकों के अनुसार, तमाम देरी के बाद अंजलि रात में करीब नौ बजकर पैंतालीस मिनट पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच पाई थीं, जबकि मंच पर उनके आने का निर्धारित समय रात के नौ बजे तय किया गया था। स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के आयोजन के लिए रात के दस बजे तक की ही अनुमति प्राप्त थी, जिसके कारण आयोजकों के पास अपना पूरा कार्यक्रम नियमानुसार पूरा कराने के लिए बहुत ही सीमित समय बचा हुआ था।
आयोजक अनुभव राज ने अंजलि अरोड़ा की मैनेजर पर पैसों और भुगतान को लेकर लगातार दबाव बनाने का गंभीर आरोप भी लगाया है। उनके मुताबिक, उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से अंतिम पचहत्तर हजार रुपये रोक रखे थे और उनकी यह योजना थी कि जैसे ही अंजलि कानपुर पहुंचेंगी, वे उन्हें वह बकाया भुगतान सौंप देंगे। अनुभव का यह भी दावा है कि 15 अक्टूबर की सुबह करीब छह बजे से ही उनकी टीम के पास बकाया रकम के भुगतान के लिए लगातार फोन आने शुरू हो गए थे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अंजलि की टीम के चार सदस्यों के फ्लाइट टिकट पहले से ही बुक किए जा चुके थे, लेकिन बाद में पीआरओ संजय सिंह के लिए भी अंतिम समय में बेहद महंगी टिकट करानी पड़ी थी। आयोजकों का यह साफ कहना था कि कलाकार और उनकी पूरी टीम की यात्रा का खर्च, सुरक्षा का खर्च, भव्य मंच, उच्च गुणवत्ता का साउंड और अन्य सभी व्यवस्थाओं पर उन्होंने भारी-भरकम धनराशि खर्च की थी। ऐसे में यह बेहद जरूरी था कि तय की गई शर्तों और वादों के मुताबिक पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।
इस डांडिया कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए आशीष गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में लगभग बारह सौ दर्शकों के आने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन लोगों का उत्साह इतना अधिक था कि करीब पंद्रह लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। आयोजकों का दावा है कि भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उन्हें मजबूरन प्रवेश द्वार पर ही लोगों को रोकना पड़ा था। इस विशाल आयोजन को सुचारू रूप से संभालने के लिए लगभग आठ से दस मुख्य मैनेजमेंट के सदस्य, दो सौ से अधिक सक्रिय वॉलंटियर और पचास से ज्यादा पेशेवर बाउंसर तैनात किए गए थे। अनुभव राज ने यह भी आरोप लगाया कि जब अंजलि मंच छोड़कर चली गईं, तो वे लोग उनसे बातचीत करने के लिए गैंजेस क्लब पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त और उचित मौका नहीं दिया गया। उनका कहना था कि यदि आयोजन की व्यवस्था या मैनेजमेंट को लेकर किसी भी प्रकार की कोई शिकायत थी, तो दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठकर इस विवाद को शांति से सुलझा लेना चाहिए था। आयोजकों ने यह भी दावा किया कि मीडिया और अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को लेकर पहले से ही कुछ विशेष शर्तें तय की गई थीं। उनके मुताबिक, अंजलि की टीम ने यह अपील की थी कि कोई भी इन्फ्लुएंसर कच्चा बादाम गाने का नाम इस्तेमाल न करे।
आयोजकों ने प्रचार-प्रसार, कलाकार की भारी-भरकम बुकिंग फीस, यात्रा का खर्च, सुरक्षा व्यवस्था और मंच निर्माण सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं पर हुए कुल खर्च का पूरा हिसाब देते हुए पंद्रह लाख रुपये से बीस लाख रुपये तक का भारी नुकसान होने का दावा किया है। उन्होंने अंजलि अरोड़ा के खिलाफ अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और उन्हें कार्यक्रम के लिए दी गई भुगतान की गई कुल रकम का उचित रिफंड वापस करें। हालांकि, आयोजकों द्वारा बताए गए इस नुकसान की राशि की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं की जा सकी है। इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद अनुभव राज और आशीष गुप्ता समेत पूरा आयोजक पक्ष स्वरूप नगर थाने पहुंचा और अंजलि अरोड़ा तथा उनकी मैनेजर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अपना प्रार्थना पत्र सौंपा और अनुभव ने मीडिया से बातचीत में यह स्पष्ट कर दिया कि यदि उन्हें समय पर न्याय नहीं मिला तो वे देश की अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे। इसके साथ ही, आयोजकों ने देश के अन्य इवेंट मैनेजर्स को एक महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा कि वे भविष्य में किसी भी कलाकार को बुक करते समय उनकी परफॉर्मेंस की अवधि, फोटो सेशन के नियम, मीडिया से बातचीत की शर्तें, गानों से जुड़ी पाबंदियां, भुगतान के तरीके और यात्रा संबंधी सभी नियमों को एक लिखित कॉन्ट्रैक्ट में पूरी तरह स्पष्ट रखें ताकि इस तरह की असहज स्थिति से बचा जा सके।
फिलहाल यह पूरा मामला आयोजकों की ओर से दी गई लिखित शिकायत और उनके द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर ही सामने आया है। इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज होने और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति अभी स्पष्ट होना बाकी है। दूसरी ओर, अंजलि अरोड़ा और उनकी मैनेजर की तरफ से इस विवाद पर कोई भी विस्तृत आधिकारिक पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है। जब अंजलि अरोड़ा या उनकी टीम का पक्ष सामने आएगा और पुलिस अपनी निष्पक्ष जांच पूरी करेगी, तभी इस पूरे विवाद की वास्तविक और पूरी तस्वीर पूरी तरह से साफ हो सकेगी और तब तक यह मामला कानपुर के सांस्कृतिक और कला जगत में एक बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें पुलिस तथा अदालत के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
