बृजभूषण के भ्रम मुझसे मिलकर दूर हुए: पतंजलि घी विवाद पर बाबा रामदेव का बड़ा बयान

योग गुरु बाबा रामदेव ने पतंजलि घी की शुद्धता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए इसे पूरी तरह शुद्ध बताया। उन्होंने पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह से मुलाकात कर उनके भ्रम दूर होने और विवाद खत्म होने की जानकारी दी और आरोपों को निराधार बताया।

योग गुरु बाबा रामदेव ने पतंजलि देसी घी को लेकर लगाए गए आरोपों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विस्तार से जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पतंजलि का हर प्रोडक्ट पूरी तरह से शुद्ध है और उनका घी भी पूरी तरह से शुद्धता के मानकों पर खरा उतरता है। रामदेव ने कहा कि घी में किसी भी तरह की मिलावट की बात पूरी तरह गलत है और उन्होंने पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने एक तरह से सुनी-सुनाई बातों के आधार पर बयान दिया था।

बृजभूषण सिंह से मुलाकात और विवाद का अंत

बाबा रामदेव ने जानकारी दी कि उनकी आज बृजभूषण सिंह से मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी विवाद को आगे बढ़ाना नहीं चाहते हैं और मुलाकात के दौरान बृजभूषण सिंह की सभी गलतफहमियां दूर हो गई हैं और उन्होंने सारे मामले को खत्म कर दिया है। रामदेव ने इस विवाद को समाप्त करने के लिए उनका धन्यवाद भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब दोनों पक्षों के बीच कोई मनमुटाव नहीं है और घी की शुद्धता को लेकर जो भ्रांतियां थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है।

शुद्धता का दावा और लैब टेस्टिंग की चुनौती

रामदेव ने कहा कि पतंजलि का घी पूरी तरह से शुद्ध है और इसे दुनिया की किसी भी लैब में टेस्ट कराया जा सकता है। उन्होंने उन दावों को सफेद झूठ करार दिया जिनमें कहा गया था कि पतंजलि नकली घी बेचता है। रामदेव के अनुसार, आज तक किसी भी लैब में पतंजलि का घी फेल नहीं हुआ है। उन्होंने घी के बारे में फैलाई गई भ्रांतियों का खंडन करते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की हड्डी, चर्बी या वनस्पति घी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

बृजभूषण सिंह के पुराने आरोपों का संदर्भ

यह विवाद तब शुरू हुआ था जब पिछले दिनों बहराइच में पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने बाबा रामदेव पर तीखा हमला बोला था। सिंह ने आरोप लगाया था कि बाबा रामदेव मिलावटी सामान बनाने के मामले में सभी के सम्राट हैं। उन्होंने कहा था कि वे नकली सामान बनाने वालों का विरोध करते हैं। बृजभूषण सिंह ने यह भी दावा किया था कि पतंजलि के कई उत्पादों पर विदेशों में प्रतिबंध लगा हुआ है और कई अदालतों में उनके मामले चल रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस ओर ध्यान देने की मांग की थी, जिसका अब रामदेव ने जवाब दिया है।

घी बनाने की वैज्ञानिक विधि का विवरण

मीडिया से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने पतंजलि में घी बनाने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने बताया कि वे देश भर से लाखों लीटर गाय का दूध इकट्ठा करते हैं। इसके बाद उस दूध से मलाई निकाल ली जाती है और मलाई निकालने के बाद जो कम फैट वाला दूध बचता है, उसे भी बेचा जाता है। इसके अलावा उस दूध से मिल्क पाउडर, दही, छाछ और पनीर तैयार किया जाता है और इस प्रकार कुल 5 बाय-प्रोडक्ट्स बनते हैं। रामदेव ने आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि उन नासमझ लोगों को क्या पता कि घी कैसे बनता है। उन्होंने बताया कि देश में 15 करोड़ से ज्यादा मवेशी हैं और इन्हीं से घी सहित अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों का खंडन

बाबा रामदेव ने अपने स्वास्थ्य को लेकर फैलाई जा रही खबरों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 महीने में लोगों ने झूठ फैलाया कि उनके घुटने, हर्निया और हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका न तो हार्ट, न पेट और न ही घुटने का कोई ऑपरेशन हुआ है। उन्होंने कहा कि एम्स या वेदांता जैसे किसी भी अस्पताल में उनका कोई ऑपरेशन नहीं हुआ है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। रामदेव ने आरोप लगाया कि उन्हें टारगेट करने के लिए इस तरह की झूठी बातें फैलाई जा रही हैं।

विदेशी कंपनियों और प्रतिस्पर्धा पर सवाल

योग गुरु ने कहा कि पतंजलि ने विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) की चूलें हिला दी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन विदेशी कंपनियों पर कोई सवाल नहीं उठाता। उन्होंने यह भी कहा कि न तो अमूल के घी पर, न नंदिनी घी पर और न ही कोका कोला जैसे ब्रांड्स पर कोई सवाल खड़ा करता है, लेकिन पतंजलि को जानबूझकर निशाना बनाया जाता है।

व्यक्तिगत निष्ठा और सामाजिक योगदान

बाबा रामदेव ने अपनी व्यक्तिगत छवि को लेकर कहा कि वे कोई नशेड़ी-भंगेड़ी या गांजा लगाने वाले साधू नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके नाम पर एक इंच जमीन भी नहीं है। उन्होंने अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि उन्होंने 200 देशों में 200 करोड़ लोगों तक योग, आयुर्वेद और सनातन परंपरा को पहुंचाया है। उन्होंने फिर दोहराया कि पतंजलि की न तो कोई दवा नकली है और न ही गाय का घी।

रोजगार और आर्थिक प्रभाव

पतंजलि के आर्थिक योगदान पर चर्चा करते हुए रामदेव ने बताया कि आज पतंजलि 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहा है। उन्होंने भविष्य की योजना साझा करते हुए कहा कि आने वाले समय में 5 लाख और लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि किसी पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन कोई 5 लोगों को रोजगार देकर दिखाए।

कानूनी स्थिति और दूध उत्पादन में भारत का स्थान

दवाओं पर प्रतिबंध की खबरों को रामदेव ने पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि लोग झूठ फैलाते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दवाओं पर रोक लगाई है, जबकि उनकी किसी भी दवा पर कोई बैन नहीं है। पतंजलि के सभी उत्पाद शुद्ध हैं और बाजार में बिक रहे हैं। उन्होंने यह भी गर्व से कहा कि आज भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर-1 पर है और यह कड़ी मेहनत का परिणाम है।