T20 World Cup 2026 / बांग्लादेश की टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप बदलने की मांग, सुरक्षा चिंताओं का हवाला

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने ICC से टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप-C से ग्रुप-B में बदलने की मांग की है। बोर्ड का तर्क है कि इससे टीम अपने सभी मैच श्रीलंका में खेल पाएगी, जिससे यात्रा और सुरक्षा संबंधी दिक्कतें कम होंगी। यह मांग मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किए जाने के बाद हुई है।

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आगामी टी-20 वर्ल्ड कप में अपने ग्रुप को बदलने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से औपचारिक रूप से अनुरोध किया है। यह मांग टीम की सुरक्षा और यात्रा संबंधी चिंताओं को कम करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे बांग्लादेश अपने सभी लीग मैच श्रीलंका में खेल सके। यह प्रस्ताव 17 जनवरी को ढाका में ICC अधिकारियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान रखा गया था, जिसमें बांग्लादेश ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।

ICC बैठक में प्रस्ताव

17 जनवरी को ढाका में ICC अधिकारियों के साथ हुई बैठक में, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपनी यह विशेष मांग रखी। BCB का तर्क है कि यदि बांग्लादेश को मौजूदा ग्रुप-C से हटाकर ग्रुप-B में शामिल किया जाता है, तो इससे टूर्नामेंट के समग्र आयोजन में न्यूनतम बदलाव होंगे। बोर्ड ने विशेष रूप से आयरलैंड के साथ ग्रुप बदलने का सुझाव दिया है, जो वर्तमान में ग्रुप-B का हिस्सा है और bCB का मानना है कि इस अदला-बदली से बांग्लादेश के लिए सभी लीग मैचों की मेजबानी एक ही देश, यानी श्रीलंका में संभव हो पाएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। यह कदम खिलाड़ियों, सहायक कर्मचारियों, प्रशंसकों और मीडिया के लिए यात्रा की जटिलताओं और संभावित सुरक्षा जोखिमों को काफी हद तक कम कर देगा, जिससे सभी के लिए एक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित होगा।

मौजूदा शेड्यूल और बांग्लादेश की मांग

वर्तमान में, टी-20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल के अनुसार, आयरलैंड को ग्रुप-B में रखा गया है और उसे अपने अधिकांश मुकाबले श्रीलंका में खेलने हैं। आयरलैंड के मैच श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और ओमान के खिलाफ कोलंबो में निर्धारित हैं, जबकि उनका अंतिम लीग मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ कैंडी में खेला जाना है। इसके विपरीत, बांग्लादेश को अपने मौजूदा ग्रुप-C में वेस्टइंडीज, इटली और इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैच कोलकाता में खेलने हैं, जो भारत में स्थित है। इसके बाद उनका आखिरी ग्रुप मुकाबला मुंबई में नेपाल के खिलाफ तय है। BCB ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि वे चाहते हैं कि बांग्लादेश के सभी मैच श्रीलंका में ही आयोजित किए जाएं। इस मांग के पीछे बांग्लादेश सरकार द्वारा टीम, बांग्लादेशी प्रशंसकों, मीडिया कर्मियों और अन्य हितधारकों की सुरक्षा को लेकर जताई गई गंभीर चिंताएं हैं, जिन्हें ICC के सामने मजबूती से रखा गया है।

मुस्तफिजुर रहमान विवाद और IPL पर प्रतिबंध

इस ग्रुप बदलने की मांग के पीछे एक बड़ा कारण हाल ही में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान से जुड़ा विवाद भी है। भारत में बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के विरोध में मुस्तफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने की अनुमति नहीं दी गई थी। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने उन्हें 16 दिसंबर को IPL मिनी ऑक्शन में 9. 20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, बांग्लादेश में सात हिंदुओं की हत्याओं के बाद भारत में मुस्तफिजुर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और इसके परिणामस्वरूप, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मुस्तफिजुर को IPL में खेलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, और 3 जनवरी को KKR ने उन्हें अपनी टीम से रिलीज कर दिया। इस घटना से बौखलाई बांग्लादेश सरकार ने भारत में IPL मैचों के प्रसारण पर रोक लगा दी। इसके बाद, बांग्लादेश सरकार ने अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में अपने मैचों के वेन्यू बदलने की मांग भी की और यह घटनाक्रम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सुरक्षा संबंधी चिंताएं केवल यात्रा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक तनाव से भी जुड़ी हुई हैं।

टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का कार्यक्रम

मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार, बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप-C में रखा गया है। टीम का पहला मुकाबला 7 फरवरी को वेस्टइंडीज से कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में होना है। इसके बाद, 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ भी इसी स्टेडियम में मैच खेले जाने हैं और टीम का आखिरी ग्रुप स्टेज मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ तय है। इन सभी मैचों को भारत में आयोजित किया जाना है, जो बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की "सभी मैच श्रीलंका में हों" की मांग के बिल्कुल विपरीत है और यदि ICC बांग्लादेश की मांग को मान लेता है, तो इन सभी तारीखों और स्थानों में महत्वपूर्ण बदलाव करने होंगे, जिससे टूर्नामेंट के लॉजिस्टिक्स पर सीधा असर पड़ेगा और अन्य टीमों के कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकते हैं।