भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में इस वर्ष एक विशेष स्थिति देखी जा रही है। 4 मार्च 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों में होली का त्योहार मनाए जाने के बावजूद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सामान्य रूप से कामकाज हो रहा है। स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, होली के उपलक्ष्य में बाजार की छुट्टी 3 मार्च 2026 को निर्धारित की गई थी। इसी कारण आज यानी बुधवार को बाजार में नियमित सत्र का आयोजन किया जा रहा है।
बाजार खुलने का आधिकारिक समय
एक्सचेंज द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आज 4 मार्च को शेयर बाजार अपने निर्धारित समय पर खुला है। सुबह 9:00 बजे से 9:08 बजे तक प्री-ओपन सत्र का आयोजन किया गया, जिसके बाद 9:15 बजे से सामान्य ट्रेडिंग शुरू हुई। यह सत्र दोपहर 3:30 बजे तक जारी रहेगा। इसके बाद 3:40 बजे तक क्लोजिंग सत्र चलेगा। इक्विटी सेगमेंट के साथ-साथ डेरिवेटिव सेगमेंट (F&O) में भी इसी समय सारणी के अनुसार कारोबार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, छुट्टियों का निर्धारण पहले से तय कैलेंडर के आधार पर होता है, जिसमें बदलाव की संभावना कम रहती है।
एमसीएक्स और कमोडिटी बाजार की स्थिति
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज होली के दिन कारोबार जारी है। कमोडिटी बाजार में आज सुबह और शाम दोनों सत्रों में ट्रेडिंग की अनुमति दी गई है। सुबह का सत्र 9:00 बजे शुरू हुआ जो शाम 5:00 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाम का सत्र 5:00 बजे से शुरू होकर रात 11:30 या 11:55 बजे (अनुबंध के अनुसार) तक जारी रहेगा। कृषि जिंसों (Agri Commodities) के लिए भी ट्रेडिंग विंडो खुली हुई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहार के कारण ट्रेडिंग वॉल्यूम में कुछ कमी देखी जा सकती है, लेकिन तकनीकी रूप से सभी प्रणालियां कार्यरत हैं।
पिछले कारोबारी सत्र का विवरण
बाजार आज ऐसे समय में खुला है जब पिछले सत्र में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। 37% तक टूट गया था। 85 अंक पर बंद हुआ। 70 अंक पर बंद हुआ था। आज की ओपनिंग पर इन वैश्विक कारकों का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
निवेशकों की संपत्ति में आई गिरावट
19 करोड़ रह गया। 59 लाख करोड़ की कमी आई। बाजार में लिक्विडिटी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि कई संस्थागत निवेशक त्योहार के कारण सक्रिय नहीं हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि बाजार की निगरानी प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय हैं ताकि किसी भी प्रकार की अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सके।
वैश्विक संकेतों का बाजार पर प्रभाव
आज के कारोबार में अमेरिकी और एशियाई बाजारों के रुख का सीधा असर भारतीय सूचकांकों पर पड़ रहा है। मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है और वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों में आई गिरावट और जापानी बाजार निक्केई में देखी गई हलचल का प्रभाव सेंसेक्स और निफ्टी की चाल तय कर रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की भागीदारी आज के सत्र में महत्वपूर्ण रहने वाली है, क्योंकि ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य दिनों की तुलना में कम रहने की संभावना जताई गई है।
