कांगो में भीषण हादसा: खदान ढहने से 200 से ज्यादा मौतें, मलबे में दबे कई लोग

पूर्वी कांगो के उत्तरी किवू प्रांत में भारी बारिश के बाद कोल्टन खदान ढहने से 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। एम23 विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इस क्षेत्र में बचाव कार्य जारी है।

पूर्वी कांगो के उत्तरी किवू प्रांत से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रुबाया कोल्टन खनन क्षेत्र में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कम से कम 200 लोगों की जान चली गई है। यह हादसा इतना भीषण था कि कई खदानें एक साथ ढह गईं, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

भारी बारिश और भूस्खलन का कहर

यह दुखद घटना बुधवार को हुई जब मूसलाधार बारिश के कारण मिट्टी धंस गई और खदानें ढह गईं। एम23 विद्रोही समूह द्वारा नियुक्त गवर्नर के प्रवक्ता लुमुम्बा कंबेरे मुयिसा ने पुष्टि की है कि मरने वालों की संख्या 200 के पार पहुंच गई है। मलबे और कीचड़ में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर मौजूद हैं, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम रास्ता राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहा है।

पीड़ितों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल

इस हादसे का शिकार न केवल खनन मजदूर हुए हैं, बल्कि पास के बाजार। में काम करने वाली महिलाएं और बच्चे भी इसकी चपेट में आ गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब भूस्खलन हुआ तो लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कीचड़ के सैलाब ने सबको अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, लगभग 20 घायल व्यक्तियों का इलाज चल रहा है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए गोमा शहर ले जाने की तैयारी की जा रही है।

विद्रोहियों के नियंत्रण में है यह क्षेत्र

रुबाया की ये खदानें अप्रैल 2024 से एम23 विद्रोहियों के कब्जे में हैं और यह क्षेत्र वैश्विक कोल्टन उत्पादन का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है। कोल्टन का उपयोग स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। यहां मजदूर बेहद खतरनाक परिस्थितियों में हाथ से खुदाई करते हैं और अपनी जान जोखिम में डालकर कुछ डॉलर कमाते हैं और सुरक्षा मानकों की कमी और अवैध खनन के कारण यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं।

खनन पर लगी रोक और सुरक्षा चिंताएं

हादसे के बाद प्रशासन ने छोटे पैमाने पर होने वाले खनन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है और साथ ही, खदानों के पास झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। पूर्वी कांगो लंबे समय से हिंसा और असुरक्षा का केंद्र रहा है, जहां संसाधनों की लूट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर ऐसी बड़ी त्रासदियों का कारण बनती है। यह घटना एक बार फिर उन मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है जो दुनिया की तकनीक को चलाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाते हैं।

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