भारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय से एक बड़ा विवाद सामने आया है। जहां एक ओर पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, वहीं कांग्रेस कार्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। विवाद की मुख्य जड़ राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के दौरान हुई कुछ गतिविधियां हैं, जिन्हें लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है।
लाल किले के कार्यक्रम से दूरी और कांग्रेस मुख्यालय में आयोजन
स्वतंत्रता दिवस के महत्वपूर्ण मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार दूसरे साल लाल किले पर आयोजित आधिकारिक सरकारी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इन दोनों दिग्गज नेताओं ने सरकारी समारोह के बजाय कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लेने का निर्णय लिया। इस कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे ने तिरंगा फहराया, जहां सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे और उल्लेखनीय है कि इस साल लाल किले पर आयोजित कार्यक्रम में पहली बार पूरा राष्ट्रगीत बजाया गया था, और कांग्रेस दफ्तर में भी पूरा वंदे मातरम बजाया गया, जो बाद में विवाद का केंद्र बन गया।
वायरल वीडियो और भाजपा के आरोप
कांग्रेस दफ्तर से वंदे मातरम गान के दौरान विवाद की तस्वीरें सामने आने के बाद भाजपा ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। गुजरात भाजपा के सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि कांग्रेस ने एक बार फिर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान कर अपनी मानसिकता उजागर की है। भाजपा का आरोप है कि वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस ने राष्ट्रगीत का अपमान किया है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ध्वजारोहण के लिए खड़े हैं और सोनिया गांधी उनके पास खड़ी हैं। जब राष्ट्रगीत का तीसरा छंद बज रहा था, तब राहुल गांधी ने सोनिया और खड़गे की तरफ देखना शुरू किया और चौथे छंद के दौरान कैमरा सोनिया गांधी पर गया, जहां वह किसी बात से असहमत नजर आईं और मल्लिकार्जुन खड़गे से कुछ बात की। इस दौरान एक कार्यकर्ता भी उनकी बात सुनने के लिए पास आया, हालांकि कुछ देर बाद सभी शांत हो गए और पूरा राष्ट्रगीत गाया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोधाभासी बयान
इंदिरा भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर अलग-अलग स्पष्टीकरण दिए हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोनिया गांधी ने इशारा करके खड़गे जी के लिए कुर्सी मंगवाई थी, जबकि कुछ अन्य का कहना है कि वह पानी मांग रही थीं। हालांकि, एक कार्यकर्ता शकील अहमद के बयान ने विवाद को और हवा दे दी। शकील अहमद ने कहा, "कांग्रेस में हमेशा से यह चलन रहा है कि वंदे मातरम के दो ही छंद गाए जाते हैं, क्योंकि वह सेक्युलर हैं और आगे की लाइन से दूसरे समाज के लोगों को परेशानी हो सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व का आधिकारिक पक्ष
इस पूरे मामले पर जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने किसी भी विवाद से इनकार किया और कहा कि इस बारे में ज्यादा जानकारी कांग्रेस आलाकमान या जयराम रमेश देंगे। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम गान रुकवाने की कोई कोशिश नहीं हुई थी। जयराम रमेश के अनुसार, सोनिया गांधी केवल मल्लिकार्जुन खड़गे जी के लिए सीट यानी कुर्सी दिलाने की बात कर रही थीं और उनकी मंशा केवल खड़गे जी को आराम पहुंचाने की थी। इस स्पष्टीकरण के बावजूद, राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर राजनीतिक बहस थमती नजर नहीं आ रही है।
कांग्रेस ने एक बार फिर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का अपमान कर अपनी मानसिकता उजागर कर दी। pic.twitter.com/StKD44pVJK
— BJP Gujarat (@BJP4Gujarat) August 15, 2026
#WATCH | Delhi: The full Vande Mataram, was played at 80th Independence Day celebrations held at Congress headquarters today
— ANI (@ANI) August 15, 2026
Congress President Mallikarjun Kharge, CPP chairperson Sonia Gandhi and LoP Lok Sabha Rahul Gandhi and others were present on the occassion pic.twitter.com/BOkL9lbvMQ
