भारतीय ईंधन बाजार में पिछले 36 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया है। यह स्थिरता ऐसे समय में बनी हुई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आपको बता दें कि आखिरी बार 25 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। तब से लेकर अब तक तेल विपणन कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। जानकारों का मानना है कि जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव हो रहे हैं, उसे देखते हुए फिलहाल यही अनुमान है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर फ्रीज बटन दबा रहेगा। यह आम आदमी के लिए राहत की बात है क्योंकि ईंधन की कीमतों में स्थिरता से महंगाई पर भी नियंत्रण बना रहता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिति
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो कच्चे तेल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों के मुकाबले तेजी देखी जा रही है। ब्लूमबर्ग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी देशों का कच्चा तेल 1 दशमलव 61 प्रतिशत की तेजी के साथ 73 डॉलर 15 सेंट प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, जून के महीने में खाड़ी देशों के कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट भी देखी गई थी। दूसरी ओर, अमेरिकी क्रूड यानी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट के दामों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी तेल 0 दशमलव 65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 70 डॉलर 29 सेंट प्रति बैरल पर बना हुआ है। कुछ दिन पहले तक अमेरिकी तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के नीचे ट्रेड कर रहा था। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इराक और ओपेक के बीच तनाव और प्राइस वॉर का खतरा
वैश्विक तेल बाजार में इस समय इराक और ओपेक देशों के बीच चल रहा विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। इराक बार-बार ओपेक से अपना उत्पादन कोटा बढ़ाने की मांग कर रहा है और स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि इराक ने मांग पूरी न होने पर ओपेक छोड़ने तक की धमकी दे दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इराक ओपेक से बाहर होता है, तो मिडिल ईस्ट में एक नया प्राइस वॉर यानी कीमतों की जंग शुरू हो सकती है। इस स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आने की संभावना है क्योंकि देश बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कीमतों को कम कर सकते हैं। इसके साथ ही, तेल बाजार में सऊदी अरब की जो बादशाहत लंबे समय से बनी हुई है, वह भी काफी कमजोर हो सकती है और मिडिल ईस्ट में शुरू होने वाली यह संभावित जंग वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकती है।
भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव
भारत में एक महीने से भी ज्यादा समय से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये 12 पैसे और डीजल की कीमत 95 रुपये 20 पैसे प्रति लीटर पर स्थिर है। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 111 रुपये 21 पैसे और डीजल 97 रुपये 83 पैसे प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल के दाम 113 रुपये 51 पैसे और डीजल की कीमत 99 रुपये 82 पैसे प्रति लीटर दर्ज की गई है। वहीं, चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107 रुपये 77 पैसे और डीजल 99 रुपये 55 पैसे प्रति लीटर पर बना हुआ है। गौरतलब है कि मई के महीने में ईंधन की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत तक का इजाफा देखा गया था, जिसके बाद से अब तक कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
