पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का शनिवार को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वे पिछले कुछ दिनों से उपचाराधीन थीं। चेन्नम्मा का निधन देवेगौड़ा परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि उन्हें परिवार की आधारशिला और पूर्व प्रधानमंत्री के राजनीतिक सफर में एक मजबूत स्तंभ माना जाता था।
स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में भर्ती
चेन्नम्मा को पिछले कुछ समय से सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्हें 15 जुलाई को बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) में स्थानांतरित कर दिया गया था और अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही थी। विशेष रूप से डॉ सत्यनारायण की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों और विशेषज्ञ चिकित्सा के बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और शनिवार को उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद उनका देहांत हो गया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और विवाह
चेन्नम्मा का जन्म हसन तालुक के मुत्तिगे जिले के हीरेहल्ली में हुआ था। वह अपने परिवार की सबसे बड़ी बेटी थीं और उन्होंने कम उम्र में ही बड़ी जिम्मेदारियां संभाल ली थीं। उन्होंने अपनी एसएसएलसी तक की शिक्षा पूरी की थी। उनका विवाह 25 मई 1954 को एचडी देवेगौड़ा के साथ हुआ था। इस दंपति के चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं और उनके पुत्रों के नाम एचडी रेवन्ना, एचडी बालकृष्ण, एचडी रमेश गौड़ा और एचडी कुमारस्वामी हैं, जबकि उनकी बेटियों के नाम शैलजा और अनुसूया हैं। अपने मायके में सबसे बड़ी बेटी होने के नाते उन्होंने अपने चार छोटे भाइयों और तीन छोटी बहनों के पालन-पोषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राजनीतिक जीवन में योगदान
एचडी देवेगौड़ा के लंबे और व्यस्त राजनीतिक जीवन में चेन्नम्मा ने एक सशक्त पत्नी की भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे परिवार के भरण-पोषण और छह बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी अकेले अपने कंधों पर उठाई, ताकि देवेगौड़ा बिना किसी पारिवारिक चिंता के राजनीति में सक्रिय रह सकें। उन्हें एक आदर्श गृहिणी के रूप में जाना जाता था, जिन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान दिया।
2001 का तेजाब हमला
चेन्नम्मा के जीवन में एक दुखद घटना फरवरी 2001 में घटी थी। हरदनहल्ली के एक मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद लौटते समय उन पर तेजाब से हमला किया गया था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इस घटना ने पूरे परिवार और समर्थकों को झकझोर कर रख दिया था, लेकिन उचित इलाज और अपनी इच्छाशक्ति के बल पर वह इस हादसे से उबरने में सफल रही थीं।
अस्पताल में सुरक्षा और अंतिम दर्शन
चेन्नम्मा के निधन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति, नेता और रिश्तेदार उनके अंतिम दर्शन के लिए मणिपाल अस्पताल पहुंचने लगे हैं। जेडीएस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए अस्पताल के आसपास पुलिस सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने खुद मौके का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
