सोने की कीमतों में गुरुवार को घरेलू वायदा बाजार में जोरदार वापसी देखने को मिली है। पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले पर ब्रेक लगाते हुए सोने के भाव में एक ही दिन में 2041 रुपये की बड़ी तेजी दर्ज की गई। इस उछाल के पीछे अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी और कम कीमतों पर सोना खरीदने के लिए निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि, भारतीय रुपये की मौजूदा स्थिति और अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को लेकर अपनाए जा रहे अनिश्चित रुख के कारण भविष्य में कीमतों की दिशा को लेकर बाजार में अभी भी संशय बना हुआ है।
MCX पर 147889 रुपये के करीब पहुंचा सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर महीने की डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 2041 रुपये यानी करीब 1 पॉइंट 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस तेजी के बाद सोने की कीमत बढ़कर 147889 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई। आपको बता दें कि इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों के दौरान सोना 5651 रुपये यानी करीब 4 प्रतिशत तक सस्ता हो गया था। तुलनात्मक रूप से देखें तो 9 अक्टूबर को सोने का भाव 151499 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने वैल्यू बाइंग का सहारा लिया, जिससे कीमतों को निचले स्तरों पर समर्थन मिला।
विशेषज्ञों की राय और बाजार का गणित
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन (Lemonn) के रिसर्च प्रमुख गौरव गर्ग के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिकी डॉलर अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे आया है, जिससे सोने जैसी कीमती धातुओं की कीमतों को वैश्विक स्तर पर सहारा मिला है। हालांकि, भारतीय बाजार के संदर्भ में देखें तो डॉलर के मुकाबले रुपये का भाव 95 रुपये 26 पैसे के आसपास बना हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा डॉलर की मांग को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर भी बाजार की गतिविधियों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। डॉलर और रुपये के बीच का यह संतुलन आने वाले समय में सोने की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लौटी चमक
विदेशी बाजारों में भी सोने की कीमतों में सकारात्मक रुख देखा गया। न्यूयॉर्क के कॉमेक्स (COMEX) बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 66 डॉलर 80 पैसे यानी करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4174 डॉलर 70 पैसे प्रति औंस पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यह तेजी तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद आई है। चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में पिछले पांच दिनों से जारी तेजी के थमने से कीमती धातुओं पर बना दबाव कम हुआ है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स जो 18 महीने के उच्चतम स्तर पर था, वह घटकर 102 के आसपास आ गया है। साथ ही अमेरिकी सरकार के 10 साल के बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न भी तीन सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे सोने के प्रति आकर्षण बढ़ा है।
अमेरिकी ब्याज दरों पर टिकी निवेशकों की नजर
वैश्विक निवेशक अब अमेरिका में महंगाई के ताजा आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं। महंगाई के आंकड़े उम्मीद से अधिक रहने के कारण ब्याज दरों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस महीने ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है, लेकिन उन्होंने भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। ब्याज दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव सीधे तौर पर सोने की मांग और उसकी कीमतों को प्रभावित करता है। ऐसे में आने वाले दिनों में डॉलर की चाल, कच्चे तेल के दाम और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत ही सोने की अगली दिशा तय करेंगे।
