हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। हरिपुरधार में एक निजी बस के गहरी खाई में गिर जाने से कम से कम आठ यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक घटना दोपहर के समय हुई, जब बस शिमला जिले के कुपवी से सोलन की ओर जा रही थी।
भीषण हादसा और प्रारंभिक जानकारी
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना सिरमौर जिले के श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के हरिपुरधार इलाके में घटित हुई। शुक्रवार दोपहर को, एक निजी बस जो शिमला जिले के कुपवी से सोलन की अपनी नियमित यात्रा पर थी, अचानक अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आठ यात्रियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। बस में उस समय लगभग 40 से 50 यात्री सवार थे, जिनमें से कई को गंभीर चोटें आई हैं। इस हादसे की खबर मिलते ही आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य के लिए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
हादसे का कारण और बचाव कार्य की शुरुआत
पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण घना कोहरा बताया जा रहा है। हरिपुरधार के पास सड़क पर अत्यधिक कोहरा होने के कारण बस। चालक नियंत्रण खो बैठा और बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। जैसे ही बस खाई में गिरी, आसपास के स्थानीय निवासियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना खाई में उतरकर फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया। साथ ही, उन्होंने तत्काल पुलिस और प्रशासन को इस गंभीर दुर्घटना की सूचना दी, ताकि बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा सके।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और संगड़ाह, राजगढ़ और नौहराधार से पुलिस टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। इन टीमों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बचाव अभियान को तेज किया। पुलिस कर्मियों ने घायलों को खाई से बाहर निकालने और उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक (SP) निश्चित सिंह नेगी भी घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए, ताकि बचाव कार्यों की निगरानी की जा सके और स्थिति का जायजा लिया जा सके। उनकी उपस्थिति से बचाव दल के प्रयासों को और बल मिला।
घायलों का उपचार और मृतकों की पहचान
इस हादसे में 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें। तत्काल एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीमें घायलों के इलाज में जुटी हुई हैं और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, आठ मृतक यात्रियों के शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस टीम अब मृतकों की पहचान करने में जुटी है, ताकि उनके परिजनों को सूचित किया जा सके। यह एक संवेदनशील प्रक्रिया है जिसमें समय लग सकता है, लेकिन पुलिस हर संभव प्रयास। कर रही है कि जल्द से जल्द सभी मृतकों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
बचाव अभियान जारी और संभावित चुनौतियां
हादसे के बाद से ही घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान जारी है। अब तक लगभग 30 यात्रियों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया जा चुका है। बस के अंदर फंसे अन्य लोगों को बाहर निकालने का काम अभी भी चल रहा है। खाई की गहराई और इलाके की भौगोलिक स्थिति बचाव कार्य में चुनौतियां पेश कर रही। है, लेकिन पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर इन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। घने कोहरे और खराब दृश्यता ने भी बचाव प्रयासों को और कठिन बना दिया था, खासकर दुर्घटना के तुरंत बाद और हालांकि, सभी बचाव दल पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं ताकि कोई भी यात्री बस के मलबे में फंसा न रह जाए।
आगे की जांच और सड़क सुरक्षा के सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। बस की तकनीकी स्थिति, चालक की योग्यता और सड़क सुरक्षा मानकों का भी आकलन किया जाएगा और ऐसे पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा हमेशा एक बड़ी चिंता का विषय रही है, और यह हादसा एक बार फिर इन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करता है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।