IND vs NZ ODI / श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल रचेंगे इतिहास, इंदौर में बनेंगे सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले भारतीय

भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला इंदौर में खेला जाएगा। इस मैच में श्रेयस अय्यर 27 रन बनाकर और शुभमन गिल 70 रन बनाकर वनडे में 3000 रन पूरे कर सकते हैं। दोनों के पास सबसे तेज भारतीय बनने का मौका है, जिसमें गिल अय्यर से भी आगे निकल सकते हैं।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा। यह सीरीज इस समय 1-1 की बराबरी पर है, जिसमें दोनों टीमें सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। भारतीय टीम ने सीरीज का पहला मैच 4 विकेट से जीता था, जबकि न्यूजीलैंड ने दूसरे मैच में शानदार वापसी करते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज को बराबरी पर ला दिया। इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम के दो युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल के पास व्यक्तिगत तौर। पर एक बड़ा कारनामा करने का मौका होगा, जिससे वे इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।

सीरीज का निर्णायक मुकाबला

इंदौर का होल्कर स्टेडियम भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरे वनडे मुकाबले की मेजबानी करने के लिए तैयार है। यह मैच सिर्फ सीरीज का विजेता तय नहीं करेगा, बल्कि यह भारतीय टीम के लिए घरेलू सरजमीं पर एक और सीरीज जीत दर्ज करने का अवसर भी होगा और दोनों ही टीमें अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरेंगी, क्योंकि सीरीज जीतने का दबाव दोनों पर समान रूप से होगा। भारतीय टीम ने पहले मैच में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन दूसरे मैच में कीवी टीम ने पलटवार करते हुए अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया और अब सबकी निगाहें इंदौर पर टिकी हैं, जहां रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

श्रेयस अय्यर के पास बड़ा कारनामा करने का मौका

भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो वनडे मैच बल्ले। से कुछ खास नहीं रहे हैं, लेकिन तीसरे मुकाबले में उनके पास एक बड़ा कारनामा करने का मौका होगा। अय्यर ने पहले वनडे में 49 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी, लेकिन दूसरे मैच में वह सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे और अब उन्हें अपने वनडे करियर में 3000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 27 रनों की दरकार है। यदि वह इंदौर में यह आंकड़ा छू लेते हैं, तो वह वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में से एक बन जाएंगे।

शिखर धवन का रिकॉर्ड तोड़ने की दहलीज पर अय्यर

श्रेयस अय्यर ने अब तक 75 वनडे मैचों की 69 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 47. 20 के शानदार औसत से कुल 2974 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से 5 शतकीय और 23 अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली हैं। वनडे क्रिकेट में 3000 रन तक पहुंचने के लिए शिखर धवन ने 72 पारियां खेली थीं। यदि श्रेयस अय्यर तीसरे वनडे में 27 रन बनाने में सफल रहते हैं, तो वह अपनी 70वीं पारी में यह मुकाम हासिल कर लेंगे, जिससे वह शिखर धवन के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे और पारियों के लिहाज से सबसे तेज भारतीय बन सकते हैं। यह उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि होगी और उन्हें आत्मविश्वास प्रदान करेगी।

शुभमन गिल भी रच सकते हैं इतिहास

श्रेयस अय्यर के साथ-साथ टीम इंडिया के युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल के पास भी तीसरे वनडे मैच में इतिहास रचने का मौका है। गिल भी अपने वनडे करियर में 3000 रनों का आंकड़ा पूरा करने की दहलीज पर खड़े हैं। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सिर्फ 70 रनों की आवश्यकता है। गिल ने इस वनडे सीरीज में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें उन्होंने दोनों वनडे मैचों में 56-56 रनों की उपयोगी पारियां खेली हैं। उनकी फॉर्म को देखते हुए, यह लक्ष्य उनके लिए मुश्किल नहीं लगता।

सबसे तेज भारतीय बनने की होड़

शुभमन गिल ने अब तक 60 पारियों में 56. 34 के बेहतरीन औसत से कुल 2930 रन बनाए हैं। यदि वह तीसरे वनडे में 70 रन बनाने में कामयाब हो जाते हैं, तो वह अपनी 61वीं पारी में 3000 वनडे रन पूरे कर लेंगे। इस स्थिति में, वह पारियों के लिहाज से सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे, जो श्रेयस अय्यर (संभावित 70 पारियां) और शिखर धवन (72 पारियां) दोनों से आगे निकल जाएंगे। यह दोनों युवा बल्लेबाजों के लिए एक रोमांचक दौड़ है, और यह देखना दिलचस्प। होगा कि कौन पहले और कितनी तेजी से इस मील के पत्थर तक पहुंचता है।

दोनों खिलाड़ियों के लिए अहम मैच

इंदौर में होने वाला तीसरा वनडे मुकाबला श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल। दोनों के लिए व्यक्तिगत और टीम के नजरिए से बेहद अहम है। एक तरफ जहां वे अपने करियर के महत्वपूर्ण मील के पत्थर को छूने की कगार पर हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपनी टीम को सीरीज जिताने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। इन रिकॉर्ड्स को हासिल करना न केवल उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन को उजागर। करेगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी एक मजबूत संकेत देगा। यह मैच युवा प्रतिभाओं के लिए अपनी छाप छोड़ने का एक शानदार अवसर है।