कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में रविवार 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का महत्वपूर्ण मुकाबला खेला जाना है। पिछले छह महीनों में यह चौथा अवसर है जब दोनों टीमें किसी टी20 टूर्नामेंट में आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले से पहले खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता के साथ-साथ कूटनीतिक तनाव की छाया भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विशेष रूप से एशिया कप 2025 के दौरान शुरू हुआ 'हैंड शेक विवाद' एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान आगा का रुख
मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा से यह सीधा सवाल पूछा गया कि क्या इस बार दोनों टीमों के खिलाड़ी मैच के बाद हाथ मिलाएंगे। इस पर आगा ने स्पष्ट जवाब देने के बजाय स्थिति को भविष्य पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इसका पता कल ही चलेगा कि मैदान पर क्या होता है। आगा के अनुसार, यह मायने नहीं रखता कि वह व्यक्तिगत रूप से क्या सोचते हैं, लेकिन आदर्श रूप से वही होना चाहिए जो क्रिकेट की शुरुआत से होता आया है और उन्होंने संकेत दिया कि टीम प्रबंधन और परिस्थितियों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एशिया कप 2025 और विवाद की पृष्ठभूमि
खिलाड़ियों के बीच हाथ न मिलाने का यह सिलसिला पिछले साल एशिया कप के दौरान शुरू हुआ था। उस समय भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ पारंपरिक रूप से हाथ मिलाने से औपचारिक रूप से इनकार कर दिया था। यह निर्णय सीमा पर बढ़ते सैन्य तनाव और पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में लिया गया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में भारी गिरावट आई थी। एशिया कप के फाइनल सहित तीनों मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने इस रुख को बरकरार रखा था।
सुरक्षा चिंताएं और बहिष्कार की स्थिति
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के इस ग्रुप मैच से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की भी बात कही थी। हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने अपने इस फैसले को बदलते हुए टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की पुष्टि की। भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंधों पर सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा चिंताओं का गहरा असर पड़ा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पहले ही स्पष्ट किया है कि टीम इंडिया की भागीदारी और अन्य प्रोटोकॉल पूरी तरह से सरकारी निर्देशों और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों पर आधारित होते हैं।
मैदान पर तनाव और खेल का माहौल
एशिया कप के दौरान शुरू हुआ यह विवाद केवल पुरुष टीम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला वर्ल्ड कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों से हाथ नहीं मिलाया था और खेल विशेषज्ञों और अधिकारियों के अनुसार, यह केवल एक खेल का मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय भावनाओं और कूटनीतिक संदेश का हिस्सा बन चुका है। कोलंबो में होने वाले इस मैच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है और आईसीसी (ICC) के अधिकारी भी दोनों टीमों के व्यवहार पर नजर बनाए हुए हैं।
मैच की अहमियत और भविष्य की राह
टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण में यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले एक साल के घटनाक्रम ने इस खेल को सामान्य क्रिकेट मैच से कहीं अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। जहां एक ओर खेल भावना की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और राजनीतिक वास्तविकताएं मैदान पर खिलाड़ियों के आचरण को प्रभावित कर रही हैं। रविवार को होने वाले इस मैच में न केवल स्कोरबोर्ड पर नजर रहेगी, बल्कि मैच के अंत में खिलाड़ियों के बीच होने वाले व्यवहार पर भी पूरी दुनिया की निगाहें टिकी होंगी।
