आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ए मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया का सामना करने के लिए तैयार है। सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली भारतीय टीम इस मैच के माध्यम से टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत करना चाहती है। हालांकि, इस मुकाबले से पहले टीम संयोजन को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो गए हैं और विशेष रूप से सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की स्वास्थ्य स्थिति और प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी ने टीम प्रबंधन को प्लेइंग इलेवन पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया है। भारत ने अपने पिछले मैच में अमेरिका को 29 रन से हराकर विजयी शुरुआत की थी, लेकिन उस मैच में शीर्ष क्रम की विफलता ने कुछ चिंताएं भी पैदा की हैं।
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला न केवल दो अंक हासिल करने का अवसर है, बल्कि 15 फरवरी को कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मैच से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन को अंतिम रूप देने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। अमेरिका के खिलाफ मैच में भारत एक समय 77/6 के स्कोर पर संघर्ष कर रहा था, जहां कप्तान सूर्यकुमार यादव की नाबाद 84 रन की पारी ने टीम को 161/9 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया था। गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन की बदौलत भारत ने अमेरिका को 132/8 पर रोक दिया था, लेकिन नामीबिया के खिलाफ टीम प्रबंधन एक अधिक संतुलित और स्थिर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है।
अभिषेक शर्मा की फिटनेस और सलामी जोड़ी का संकट
नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले भारतीय खेमे में सबसे बड़ी चिंता सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की उपलब्धता को लेकर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिषेक शर्मा पेट के संक्रमण (stomach infection) के कारण दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुए थे। हालांकि, टीम के साथी तिलक वर्मा ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की है कि अभिषेक को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। इसके बावजूद, पाकिस्तान के खिलाफ आगामी बड़े मैच को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहेगा। यदि अभिषेक पूरी तरह फिट नहीं पाए जाते हैं, तो संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है।
संजू सैमसन के लिए यह एक बड़ा अवसर हो सकता है, हालांकि उनका हालिया फॉर्म चिंता का विषय रहा है और न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली टी20 सीरीज के पांच मैचों में वह केवल 46 रन ही बना सके थे। यदि वह नामीबिया के खिलाफ खेलते हैं, तो उन पर अपनी उपयोगिता साबित करने का भारी दबाव होगा। ईशान किशन के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए सैमसन एक विकल्प हो सकते हैं, जिससे टीम का शीर्ष क्रम अधिक अनुभवी नजर आएगा और विश्लेषकों के अनुसार, दिल्ली की पिच पर शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी महत्वपूर्ण होगी, और टीम प्रबंधन इसी आधार पर अंतिम निर्णय लेगा।
जसप्रीत बुमराह की वापसी और गेंदबाजी आक्रमण में फेरबदल
भारतीय गेंदबाजी विभाग के लिए राहत की खबर यह है कि प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब पूरी तरह फिट नजर आ रहे हैं। वायरल फीवर के कारण वह अमेरिका के खिलाफ पहले मैच में नहीं खेल पाए थे, लेकिन दिल्ली में अभ्यास सत्र के दौरान उन्होंने पूरे वेग के साथ गेंदबाजी की है। सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने संकेत दिया है कि बुमराह चयन के लिए उपलब्ध हैं और वह 10 दिनों के ब्रेक के बाद तरोताजा महसूस कर रहे हैं। बुमराह की वापसी से भारतीय आक्रमण की धार काफी बढ़ जाएगी, जो नामीबिया के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकती है।
बुमराह की वापसी की स्थिति में मोहम्मद सिराज को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ सकता है। हालांकि सिराज ने पिछले मैच में 29 रन देकर 3 विकेट लिए थे और शानदार लय में दिखे थे, लेकिन बुमराह की टीम में अहमियत को देखते हुए यह बदलाव अपरिहार्य माना जा रहा है। अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या के साथ बुमराह की तिकड़ी भारतीय तेज गेंदबाजी को पूर्णता प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, स्पिन विभाग में वरुण चक्रवर्ती को मौका मिलने की प्रबल संभावना है, जो अपनी मिस्ट्री स्पिन से नामीबियाई बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। वॉशिंगटन सुंदर भी टीम के साथ जुड़ गए हैं, लेकिन उनके इस मैच में खेलने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।
रणनीतिक विश्लेषण और पाकिस्तान मैच की तैयारी
खेल विशेषज्ञों के अनुसार, नामीबिया के खिलाफ यह मैच भारत के लिए एक 'ड्रेस रिहर्सल' की तरह है। टीम प्रबंधन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पाकिस्तान के खिलाफ बड़े मुकाबले से पहले सभी प्रमुख खिलाड़ी मैच प्रैक्टिस हासिल कर लें और अपनी भूमिकाओं को लेकर स्पष्ट रहें। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है, लेकिन शाम के समय ओस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकती है।
भारत के मध्यक्रम में तिलक वर्मा, रिंकू सिंह और शिवम दुबे की भूमिका भी अहम होगी। अमेरिका के खिलाफ मैच में मध्यक्रम के जल्दी ढहने के बाद, इन बल्लेबाजों पर पारी को संभालने और अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने की जिम्मेदारी होगी। अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या के रूप में भारत के पास दो बेहतरीन ऑलराउंडर हैं, जो टीम को गहराई प्रदान करते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि भारत पहले बल्लेबाजी करता है, तो उसे कम से कम 170-180 रनों का लक्ष्य रखना होगा ताकि गेंदबाजों को बचाव के लिए पर्याप्त कुशन मिल सके।
निष्कर्ष के तौर पर, नामीबिया के खिलाफ टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन काफी हद तक खिलाड़ियों की फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगी और अभिषेक शर्मा का खेलना संदिग्ध है, जबकि बुमराह की वापसी लगभग तय है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम इस मैच को हल्के में नहीं लेना चाहेगी और एक प्रभावशाली जीत के साथ अपने आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाने का प्रयास करेगी और मैच का अंतिम निर्णय टॉस के समय ही स्पष्ट होगा, लेकिन बदलाव के संकेत स्पष्ट हैं।
