ईरान ने होर्मुज में अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया ट्रंप बोले इसका जवाब देना होगा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। हालांकि दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए हैं, लेकिन ट्रंप ने इस हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के सामरिक क्षेत्र में अमेरिकी सेना के एक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर के मार गिराए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि ईरान ने इस अत्याधुनिक सैन्य विमान को निशाना बनाया है और ट्रंप ने इस हमले को गंभीरता से लेते हुए चेतावनी दी है कि अमेरिका इस कार्रवाई का कड़ा जवाब देगा। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच जारी लंबे संघर्ष में अमेरिकी सेना के लिए एक बड़े नुकसान के रूप में देखी जा रही है।

सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति ट्रंप का बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने उन्हें सूचित किया है कि बीती रात जब अपाचे हेलीकॉप्टर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के ऊपर अपनी नियमित गश्त पर था, तब ईरानियों ने उसे निशाना बनाकर मार गिराया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि ईरान ने हमारे सबसे उन्नत हेलीकॉप्टरों में से एक को गिरा दिया है और राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। इसके बावजूद, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इस तरह के हमले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और अमेरिका इसका जवाब जरूर देगा।

ड्रोन बोट ने बचाई दोनों पायलटों की जान

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के तुरंत बाद एक ड्रोन बोट मौके पर पहुंची और दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों को बिना किसी चोट के सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि एक AH-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर ओमान के तट के पास क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि सेंटकॉम ने शुरुआत में दुर्घटना के सटीक कारणों का खुलासा नहीं किया और कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

हादसे के 2 घंटे के भीतर सैनिक बचाए गए

सेंटकॉम ने बताया कि दुर्घटना के लगभग 2 घंटे के भीतर दोनों सैनिकों को सुरक्षित बचा लिया गया और उनकी हालत अब स्थिर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिमोथी हॉकिन्स ने जानकारी दी कि अमेरिकी नौसेना के एक मानव रहित सतही ड्रोन शिप ने हेलीकॉप्टर के क्रू का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में उन्हें दूसरे स्थान पर ले जाकर हेलीकॉप्टर के जरिए वहां से निकाला गया। यह ड्रोन पोत टास्क फोर्स-59 का हिस्सा था, जिसे वर्ष 2021 में स्थापित किया गया था। इस टास्क फोर्स में मानव रहित नौकाएं और ड्रोन शामिल हैं और इसे अमेरिकी नेवी की अपनी तरह की पहली स्पेशल टास्क फोर्स माना जाता है।

आखिर अपाचे हेलीकॉप्टर क्यों हैं इतने खास?

AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना के सबसे महत्वपूर्ण लड़ाकू विमानों में गिने जाते हैं। इनका मुख्य उपयोग सटीक हमले करने, नजदीकी हवाई सहायता प्रदान करने और निगरानी अभियानों में किया जाता है। अमेरिका इन हेलीकॉप्टरों का उपयोग ईरानी तेल आपूर्ति और टैंकरों की निगरानी करने तथा नाकेबंदी लागू करने के लिए भी करता रहा है। संयुक्त अरब अमीरात ने भी ईरानी ड्रोन को मार गिराने के लिए अपाचे हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हेलीकॉप्टरों का उपयोग पहले ईरान की छोटी नौकाओं के खिलाफ अभियानों में भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

युद्ध में अमेरिका को हुआ है भारी नुकसान

मई में जारी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत में शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से अमेरिकी सेना को कई महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों का नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक अमेरिका कम से कम 5 लड़ाकू विमान, 7 स्ट्रैटोटैंकर ईंधन भरने वाले विमान, 1 खोज एवं बचाव हेलीकॉप्टर और 2 दर्जन से ज्यादा ड्रोन खो चुका है। अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने की इस ताजा घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है। राष्ट्रपति ट्रंप के कड़े बयान के बाद अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका इस घटना पर क्या जवाबी कदम उठाता है।