क्या ईरान घर में घुसकर करेगा ट्रंप का शिकार? 3 फैक्ट्स ने उड़ाई नींद

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी हत्या की साजिशों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा। खुफिया रिपोर्टों और ईरान की धमकियों के बीच अमेरिका में हड़कंप मचा हुआ है।

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है और ट्रंप ने पहली बार अपनी हत्या की कोशिशों और ईरान से मिल रही धमकियों पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी हत्या की जाती है, तो पूरा ईरान तबाह हो जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप की सुरक्षा को लेकर गंभीर इनपुट साझा किए हैं। ईरान की सरकारी टेलीविजन ने हाल ही में एक फुटेज जारी कर ट्रंप। को सीधी धमकी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है।

ट्रंप की खुली चेतावनी और ईरान का रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा कि ईरान को उनकी हत्या की कोशिश करने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने अधिकारियों को सख्त आदेश दे दिए हैं। ट्रंप के अनुसार, यदि तेहरान ऐसी कोई हिमाकत करता है, तो अमेरिकी सेना ईरान को नक्शे से मिटा देगी। दरअसल, 16 जनवरी को ईरान की सरकारी टीवी ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें 2024 के हमले का जिक्र करते हुए कहा गया था कि इस बार गोली निशाना नहीं चूकेगी। यह सीधी धमकी अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

क्या ईरान वास्तव में हमला करने में सक्षम है?

सवाल यह उठता है कि क्या ईरान अमेरिका की धरती पर घुसकर राष्ट्रपति की हत्या करवा सकता है? ट्रंप ने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें पता है कि ईरान उनकी जान के पीछे पड़ा है। 2024 में पेन्सिलवेनिया में चुनाव प्रचार के दौरान उन पर जो हमला हुआ था, उसके तार भी ईरान से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पूर्व अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने खुलासा किया है कि ट्रंप को मारने की साजिश असल में जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी और सुलेमानी को 2020 में ट्रंप के आदेश पर एक ड्रोन हमले में मारा गया था, जो ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेहद करीबी थे।

पहला फैक्ट: अमेरिका में छिपे ईरानी नागरिक

डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा मुद्दा उठाया है और उनके मुताबिक, लगभग 7 हजार ईरानी नागरिक अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि ये लोग जो बिडेन प्रशासन की ढीली नीतियों के कारण देश में घुस आए और अब ये अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकते हैं। ट्रंप अब इन लोगों को देश से बाहर निकालने की योजना पर काम कर रहे हैं, क्योंकि। उन्हें डर है कि इनमें से कुछ लोग ईरानी प्रॉक्सी के रूप में काम कर रहे होंगे।

दूसरा फैक्ट: 2024 के हमलों का रहस्य

साल 2024 में ट्रंप पर दो बार जानलेवा हमले की कोशिश हुई। पहली बार थॉमस मैथ्यू क्रूक्स ने उन पर गोली चलाई, जिसे बाद में मार गिराया गया और हालांकि, जांच एजेंसियों को उसके पास से कोई ठोस सबूत नहीं मिले जो सीधे तौर पर किसी विदेशी ताकत से जुड़े हों। इसके बाद सितंबर 2024 में रेयान नाम के व्यक्ति ने भी ऐसी ही कोशिश की। अब जिस तरह से ईरान का नाम बार-बार सामने आ रहा है, उससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि ईरान ने अमेरिका के भीतर ही अपने स्लीपर सेल या प्रॉक्सी तैयार कर लिए हैं जो किसी भी समय हमला कर सकते हैं।

तीसरा फैक्ट: इतिहास का काला पन्ना

अमेरिका में राष्ट्रपतियों की सुरक्षा हमेशा से कड़ी रही है, लेकिन इतिहास गवाह है कि चूक कहीं भी हो सकती है और 1963 में जॉन एफ कैनेडी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय कैनेडी को भी वैसी ही सुरक्षा प्राप्त थी जैसी आज ट्रंप को मिल रही है। कैनेडी की हत्या के पीछे किसका हाथ था, यह आज भी एक रहस्य बना हुआ है। इसी इतिहास को देखते हुए ट्रंप की सुरक्षा को लेकर चिंताएं जायज हैं, खासकर तब जब एक पूरा देश आधिकारिक तौर पर बदला लेने की बात कर रहा हो।

बाइडेन प्रशासन पर ट्रंप का निशाना

ट्रंप ने अपने इंटरव्यू में जो बिडेन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर मौजूदा प्रशासन को आधिकारिक बयान देना चाहिए। ट्रंप का मानना है कि ईरान की बढ़ती हिम्मत का कारण अमेरिका की नरम विदेश नीति है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस को सौंपी गई फाइलों में स्पष्ट रूप से ईरान के इरादों का जिक्र है। अब देखना यह होगा कि ट्रंप के दोबारा सत्ता संभालने के बाद अमेरिका और ईरान के संबंध किस दिशा में जाते हैं और क्या सुरक्षा एजेंसियां इन खतरों को टालने में सफल रहती हैं।