ईरान-अमेरिका शांति वार्ता में गतिरोध: होर्मुज प्रस्ताव पर ट्रंप की नाराजगी, अराघची पहुंचे पाकिस्तान

ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता में गतिरोध पैदा हो गया है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर रखी गई नई शर्तों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप असहमत हैं, जबकि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस और पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा रहे हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता पर लगातार आशंका के बादल छाये हुए हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने असहमति जताई है और कूटनीतिक स्तर पर बढ़ती इस हलचल के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पिछले 72 घंटों में तीसरी बार पाकिस्तान पहुंच गए हैं। अराघची ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात करने के बाद एक बार फिर इस्लामाबाद का रुख किया है, जिससे क्षेत्र में कूटनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

होर्मुज पर ईरान की नई शर्तें और प्रस्ताव

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए अपनी तत्परता तो दिखाई है, लेकिन इसके साथ ही कई कड़ी शर्तें भी रख दी हैं। ईरान के इस नए प्रस्ताव में मुख्य रूप से अमेरिकी ब्लॉकेड को हटाने की मांग की गई है। इसके अलावा, ईरान चाहता है कि परमाणु वार्ता से जुड़ी बातचीत को फिलहाल टाल दिया जाए। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान का पूर्ण नियंत्रण बना रहे और उसे वहां से गुजरने वाले जहाजों से वसूली करने का कानूनी अधिकार प्राप्त हो।

प्रमुख बिंदु और कूटनीतिक घटनाक्रम

ट्रंप की नाराजगी और अमेरिकी रुख

होर्मुज पर दिए गए ईरान के इन नए प्रस्तावों को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी नाखुश बताए जा रहे हैं। ईरान की शर्तों, विशेषकर जहाजों से वसूली और नियंत्रण के अधिकार को लेकर अमेरिकी प्रशासन में असंतोष है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस पूरे मामले पर कोई अंतिम या औपचारिक निर्णय नहीं लिया है, लेकिन उनकी शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं रही है।

रूस और पाकिस्तान के साथ ईरान की बढ़ती नजदीकी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची लगातार अपने सहयोगी देशों से संपर्क मजबूत करने में जुटे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मिलने के बाद अराघची ने कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अस्थिरता के समय रूस के साथ उच्चतम स्तर पर बातचीत करने से उन्हें खुशी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हाल की घटनाओं ने ईरान और रूस की रणनीतिक साझेदारी की गहराई और मजबूती को साबित किया है। पुतिन से मुलाकात के तुरंत बाद अराघची का पाकिस्तान पहुंचना उनके कूटनीतिक प्रयासों की गंभीरता को दर्शाता है।