झारखंड चुनाव 2019 / गुमला के सिसई में पुलिस फायरिंग में वोटर की मौत के बाद वोटिंग बंद, गांव में तनाव

Zoom News : Dec 07, 2019, 03:25 PM
गुमला : सिसई विधानसभा क्षेत्र के बघनी गांव में मतदान के दौरान पुलिस और पब्लिक के बीच झड़प में एक मतदाता की मृत्यु हो गयी, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। क्षेत्र में मतदान करा रही पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गयी। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। अंधाधुंध फायरिंग में तीन युवक घायल हो गये, जिसमें एक की मौत हो गयी।

फायरिंग के बाद ग्रामीण बेहद उत्तेजित हो गये। महिलाएं और युवा हर्वे हथियार के साथ सड़क पर उतर गये। वरीय अधिकारी उन्हें समझाने पहुंचे, तो लोगों ने अपने गुस्से का इजहार किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जान-बूझकर हत्या करने के इरादे से गोली चलायी। लोगों ने कहा कि पुलिस वालों की ओर से 120 राउंड फायरिंग की गयी।

जिलानी अंसारी, अशफाक अंसारी और तबरेज अंसारी पुलिस की फायरिंग में घायल हो गये। गंभीर रूप से घायल जिलानी को रांची रेफर कर दिया गया। बाद में उसकी मृत्यु हो गयी। ग्रामीणों के पथराव से पुलिस का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया। एक ग्रामीण को भी चोट लगी है।

सिसई के थाना प्रभारी विष्णु देव चौधरी के अलावा पुलिस के जवान अखिलेश यादव और राहुल भी घायल हुए हैं। बीडीओ के चालक सीताराम सिंह और पत्रकार सीताराम साहू भी पथराव में घायल हुए हैं।

इस घटना के बाद बूथ नंबर 36 में मतदान बंद कर दिया गया। गांव के लोग चारों तरफ से बूथ को घेरे हुए थे। एसपी अंजनी कुमार झा, एएसपी बीके मिश्रा, एसडीओ जितेंद्र देव घटनास्थल पहुंचे। मतदान केंद्र के अंदर फंसे पुलिस के जवानों व मतदानकर्मियों को सुरक्षित निकाला गया।

इससे पहले, माहौल बिगड़ने के बाद पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया था। बूथ के अंदर किसी को प्रवेश नहीं करने दिया गया। पुलिस की ओर से फायरिंग के बाद क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम कर दिये गये हैं।

घटना के बाद पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। मतदान केंद्र और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। सड़क से लेकर दुकान तक, कहीं भी लोगों को एकत्र होने की अनुमति नहीं दी जा रही है। जहां भी कुछ लोग एक साथ बैठे हैं, उन्हें अपने-अपने घर जाने के लिए कह दिया गया है।

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