बिजनेस / अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन की जांच के आदेश

AMAR UJALA : Jan 14, 2020, 08:14 AM

बिजनेस डेस्क | प्रतिस्पर्धा नियामक भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बिक्री मूल्य में भारी भरकम छूट और पसंदीदा विक्रेताओं के साथ गठजोड़ समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप में ई-कॉमर्स कंपनियां अमेजन और वॉलमार्ट की फ्लिपटकार्ट के खिलाफ सोमवार को जांच के आदेश दिए।

यह मामला प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघन से जुड़ा है। दिल्ली व्यापार महासंघ की शिकायत पर जांच का आदेश दिया गया है। महासंघ में शामिल सदस्य स्मार्टफोन और इससे जुड़ी चीजों का व्यापार करते हैं।

व्यापारियों की संस्था का आरोप है कि ये ई-कॉमर्स कंपनियां सूचीबद्ध करने में चुनिंदा विक्रेताओं को तरजीह देने, विशेष गठजोड़ करने और निजी लेबलों समेत अन्य प्रतिस्पर्धी रोधी गतिविधियों में शामिल हैं।

सीसीआई ने 11 पेज के आदेश में कहा कि यह जांच करने की जरूरत है कि फ्लिपकार्ट और अमेजन की ओर से दी जा रही कथित भारी छूट, कुछ विक्रेताओं को (ई-मार्केट) प्लेटफॉर्म पर जोड़ने में तरजीह देना और उनके साथ विशेष समझौते का उपयोग क्या प्रतिस्पर्धा को रोकने की चाल है और क्या इसका प्रतिस्पर्धा पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। आयोग ने डायरेक्टर जनरल को 60 दिन के अंदर जांच पूरी करने और रिपोर्ट जमा करने को कहा है।

हम आयोग के साथ पूरा सहयोग करेंगे : अमेजन

अमेजन इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि हम खुद पर लगाए गए आरोपों को दूर करने के लिए इस मिले मौका का स्वागत करते हैं। हम अपने अनुपालन पर भरोसा करते हैं और हम आयोग के साथ पूरा सहयोग करेंगे। इस बीच, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस के इस हफ्ते भारत आने की उम्मीद है।

हम आयोग के आदेश की कर रहे समीक्षा : फ्लिपकार्ट

वहीं, फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सीसीआई के आदेश की समीक्षा कर रही है। कंपनी सभी कानूनों और एफडीआई नियमों का पूरी तरह से पालन करती है। उन्होंने कहा कि हम भारत में ई-कॉमर्स के लोकतांत्रिकरण और लाखों एमएसएमई, विक्रेताओं, कारीगरों और छोटे कारोबारियों को बाजार पहुंच प्रदान करने में गर्व की अनुभूति करते हैं।

इससे लाखों नौकरियां उत्पन्न करते हुए हमारे पारदर्शी और कुशल बाजार के माध्यम से उपभोक्ताओं को गुणवत्ता और सस्ती वस्तुएं उपलब्ध हो पाती हैं।

इस आदेश का लंबे वक्त से था इंतजार : खंडेलवाल

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि सीसीआई के इस आदेश का देश के कारोबारी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। वह अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ देशभर में आक्रामण अभियान चलाए हुए हैं।

उन्होंने कहा कि अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों ने सरकार को भारी जीएसटी और आयकर राजस्व हानि पहुंचाने के साथ ही कई ई-कॉमर्स और खुदरा व्यापार मार्केट को बर्बाद और नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनके निरंकुश कारोबारी मॉड्यूल ने पिछले तीन महीनों में देश में हजारों दुकानों पर ताला लगवा दिया।