पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अपने अजीबोगरीब फैसलों और प्रशासनिक खामियों के कारण एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट मैच के लिए टीम चयन के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने पीसीबी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा मामला पाकिस्तान के एक युवा खिलाड़ी रजाउल्लाह से जुड़ा है, जिन्हें टीम में शामिल करने के लिए बोर्ड को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पीसीबी को इस खिलाड़ी तक पहुंचने के लिए किसी जासूसी फिल्म की तरह एक कोच को खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ों की खाक छानने के लिए भेजना पड़ा।
अचानक चयन और संपर्क की समस्या
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच के लिए पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने अपने स्क्वाड में अचानक बड़ा बदलाव करते हुए 7 नए खिलाड़ियों को मौका देने का फैसला किया। इन नए चेहरों में खैबर पख्तूनख्वा के रहने वाले रजाउल्लाह का नाम भी शामिल था। लेकिन जैसे ही उनके नाम पर मुहर लगी, पीसीबी के सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई। बोर्ड के पास रजाउल्लाह का जो मोबाइल नंबर दर्ज था, उस पर संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके अलावा, यह भी पता चला कि इस युवा खिलाड़ी के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए अनिवार्य पासपोर्ट भी नहीं था। यह स्थिति बोर्ड की प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।
पाकिस्तान के एक स्थानीय रिपोर्टर ने सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना का खुलासा करते हुए पीसीबी की पोल खोल दी। रिपोर्ट के अनुसार, जब पीसीबी के रिकॉर्ड में मौजूद नंबर पर कॉल किया गया तो वह बंद मिला या उस पर संपर्क नहीं हो सका। बोर्ड के पास खिलाड़ी से बात करने का कोई दूसरा जरिया नहीं बचा था, जिसके बाद एक असामान्य कदम उठाना पड़ा। इस घटना ने क्रिकेट जगत में पीसीबी की काफी किरकिरी कराई है, क्योंकि एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी का संपर्क विवरण अपडेट न होना बड़ी चूक मानी जा रही है।
पहाड़ों में खिलाड़ी की तलाश और पासपोर्ट का मुद्दा
खिलाड़ी से संपर्क न हो पाने की स्थिति में पीसीबी ने रजाउल्लाह के कोच को फोन किया। बोर्ड ने कोच को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत रूप से खैबर पख्तूनख्वा की पहाड़ियों में स्थित रजाउल्लाह के घर जाएं और उन्हें टीम में चयन की जानकारी दें। कोच को इस काम के लिए विशेष रूप से दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भेजा गया। जब कोच रजाउल्लाह के घर पहुंचे और उन्हें बताया कि उनका चयन पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में हो गया है, तो खिलाड़ी को अपनी कानों पर यकीन ही नहीं हुआ। रजाउल्लाह को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि वे चयनकर्ताओं की रडार पर हैं और इंग्लैंड जैसी टीम के खिलाफ खेलेंगे।
इस खुलासे के बाद रजाउल्लाह को तुरंत लाहौर बुलाया गया और चूंकि उनके पास पासपोर्ट नहीं था, इसलिए पीसीबी ने आनन-फानन में उनका पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया शुरू की। इस पूरी घटना ने सोशल मीडिया पर पीसीबी को मजाक का पात्र बना दिया है, क्योंकि लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या बोर्ड को अपने घरेलू खिलाड़ियों के बारे में बुनियादी जानकारी भी नहीं होती। बिना पासपोर्ट और बिना संपर्क के खिलाड़ी का चयन करना पीसीबी की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है।
कौन हैं रजाउल्लाह? उनके करियर के आंकड़े
रजाउल्लाह महज 21 साल के एक युवा खिलाड़ी हैं, जो पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट ढांचे में एक उभरते हुए तेज गेंदबाज ऑलराउंडर के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने इसी साल पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) 2026 के सीजन में अपना डेब्यू किया था। पीएसएल में वे मोहम्मद रिजवान की कप्तानी वाली रावलपिंडी फ्रेंचाइजी का हिस्सा थे। हालांकि, रावलपिंडी की प्लेइंग इलेवन में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले और वे केवल 2 मैचों में ही मैदान पर उतर सके। 66 के औसत से 3 विकेट चटकाए।
भले ही पीएसएल में उन्हें कम मौके मिले हों, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली है। रजाउल्लाह ने अब तक खेले गए 8 फर्स्ट क्लास मैचों में शानदार गेंदबाजी करते हुए 30 विकेट अपने नाम किए हैं। 75 का है। यही कारण है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट स्क्वाड में शामिल करने का फैसला किया और अब देखना यह होगा कि पहाड़ों से निकलकर मैदान तक पहुंचने वाला यह खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसा प्रदर्शन करता है।
