प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त जारी करने की आधिकारिक तारीख की घोषणा कर दी है। लंबे समय से अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के बैंक खातों में 20 जून 2026 को 2000 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। सरकार के इस फैसले से देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। यह सहायता राशि किसानों को खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में मदद करने के उद्देश्य से दी जाती है।
20 जून 2026 को जारी होगी 23वीं किस्त
पीएम किसान योजना के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से यह जानकारी साझा की गई है कि 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की जाएगी। सरकार इस किस्त के माध्यम से करोड़ों किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजेगी। इससे पहले 13 मार्च 2026 को योजना की 22वीं किस्त जारी की गई थी। अब लगभग चार महीने के अंतराल के बाद किसानों को अगली किस्त मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं में से एक माना जाता है, जिसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
सालाना मिलते हैं 6000 रुपये
पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल कुल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि साल भर में तीन समान किस्तों में दी जाती है, जिसमें प्रत्येक किस्त 2000 रुपये की होती है। हर चार महीने में एक किस्त किसानों के खाते में भेजी जाती है। इस पैसे का उपयोग किसान बीज खरीदने, खाद की व्यवस्था करने, सिंचाई और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए करते हैं। वर्ष 2019 में शुरू हुई यह योजना पिछले सात वर्षों में भारतीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक आधार बन चुकी है।
22वीं किस्त का विवरण और प्रभाव
योजना की पारदर्शिता और व्यापकता का अंदाजा पिछली किस्त के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 13 मार्च 2026 को जारी की गई 22वीं किस्त के दौरान सरकार ने 9 करोड़ 32 लाख किसानों के खातों में कुल 18640 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचे। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है, बल्कि पात्र किसानों को समय पर आर्थिक मदद भी मिल रही है।
ई-केवाईसी के बिना नहीं मिलेगी किस्त
23वीं किस्त का लाभ उठाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है। सभी लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया अधूरी होगी, उनके खाते में 2000 रुपये की राशि नहीं भेजी जाएगी। ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना और योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों तक पहुंचाना है। इसलिए, किसानों को सलाह दी जाती है कि वे 20 जून 2026 से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को हर हाल में पूरा कर लें।
ई-केवाईसी पूरा करने की आसान प्रक्रिया
किसान अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को दो तरीकों से पूरा कर सकते हैं। पहला तरीका ऑनलाइन है और दूसरा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से है।
- सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- होमपेज पर दिए गए ई-केवाईसी विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें और सर्च बटन दबाएं।
- आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करें।
- ओटीपी सबमिट करने के बाद आपकी ई-केवाईसी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी।
यदि किसी किसान का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है या ओटीपी प्राप्त करने में समस्या हो रही है, तो वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र या सीएससी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके अलावा, किसान वेबसाइट पर 'Know Your Status' विकल्प का उपयोग करके यह भी चेक कर सकते हैं कि उनकी ई-केवाईसी पहले से अपडेट है या नहीं और इसके लिए उन्हें अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
