इंजन बचाने की होड़: E20 के डर से इथेनॉल फ्री पेट्रोल की मांग दोगुनी हुई

भारत में ई20 पेट्रोल से इंजन को होने वाले नुकसान की चिंताओं के बीच बिना इथेनॉल वाले 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में 100 प्रतिशत का उछाल आया है।

भारत के ऑटोमोटिव ईंधन बाजार में उपभोक्ताओं के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। वाहनों के इंजन और फ्यूल सिस्टम को सुरक्षित रखने की बढ़ती चिंताओं के बीच बिना इथेनॉल वाले (इथेनॉल-फ्री) प्रीमियम पेट्रोल की मांग में जबरदस्त तेजी आई है और इस हाई-ऑक्टेन ईंधन की बिक्री दोगुनी हो गई है क्योंकि वाहन मालिक ई20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल से होने वाले संभावित नुकसान को लेकर डरे हुए हैं। वाहन मालिक अब सामान्य ईंधन के बजाय इंजन की लंबी उम्र, जंग से बचाव और बेहतर परफॉर्मेंस के लिए महंगे लेकिन सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

इथेनॉल-फ्री पेट्रोल की बिक्री में 100 प्रतिशत का उछाल

भारत में 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल ही एकमात्र ऐसा ग्रेड है जिसमें वर्तमान में इथेनॉल नहीं मिलाया जाता है। हाल के महीनों में इसकी मांग में 100 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। जुलाई के महीने में यह बढ़ोतरी विशेष रूप से तेज थी क्योंकि उस समय इथेनॉल मिश्रण को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हो गई थी। वाहन मालिक भविष्य में होने वाले महंगे मेंटेनेंस खर्च से बचने के लिए इस इथेनॉल-मुक्त विकल्प को चुन रहे हैं। सरकारी तेल कंपनियां इसे अलग-अलग ब्रांड के तहत बेचती हैं, जिनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) का XP100, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) का Speed100 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) का poWer100 शामिल हैं।

सीमित उपलब्धता और बाजार की स्थिति

हालांकि मांग में भारी उछाल आया है, लेकिन 100-ऑक्टेन पेट्रोल की बाजार हिस्सेदारी अभी भी बहुत कम है। 1 प्रतिशत है। यह ईंधन मुख्य रूप से सुपरकार, लग्जरी सेडान और सुपरबाइक जैसी हाई-परफॉर्मेंस गाड़ियों के लिए तैयार किया गया है। कम मांग और विशिष्टता के कारण यह देश के 1 प्रतिशत से भी कम फ्यूल स्टेशनों पर उपलब्ध है और ज्यादातर दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों तक ही सीमित है। रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया पर इथेनॉल से इंजन खराब होने के दावों ने आम गाड़ी मालिकों के बीच भी इसकी मांग को बढ़ावा दिया है।

कीमतों में भारी अंतर

इथेनॉल-मुक्त ईंधन का विकल्प चुनना जेब पर काफी भारी पड़ता है। दिल्ली में 100-ऑक्टेन पेट्रोल की खुदरा कीमत लगभग 160 रुपये प्रति लीटर है, जो सामान्य पेट्रोल से लगभग 57 प्रतिशत ज्यादा है। दिल्ली में सामान्य ई20 पेट्रोल की कीमत 102 रुपये 12 पैसे प्रति लीटर है। वहीं, ई20 प्रीमियम ग्रेड जैसे XP95, Speed97 और poWer95 की कीमत लगभग 111 से 112 रुपये प्रति लीटर के बीच है। मुंबई की बात करें तो वहां 100-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत लगभग 167 रुपये 35 पैसे प्रति लीटर है, जबकि सामान्य पेट्रोल 111 रुपये 21 पैसे प्रति लीटर और ई20 प्रीमियम ग्रेड 120 से 121 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।

100-ऑक्टेन पेट्रोल के तकनीकी फायदे

100-ऑक्टेन पेट्रोल का सबसे बड़ा फायदा इसका रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) 100 होना है। उच्च ऑक्टेन रेटिंग के कारण यह ईंधन जलने से पहले अधिक तापमान और दबाव को सहन कर सकता है, जिससे इंजन में 'नॉकिंग' की समस्या नहीं होती। यह हाई-कम्प्रेशन वाले इंजनों के लिए सबसे उपयुक्त है। ग्राहकों का मानना है कि हालांकि यह ई20 पेट्रोल से लगभग 45 प्रतिशत महंगा है और माइलेज के लिहाज से आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं है, लेकिन इंजन को इथेनॉल के संभावित नुकसान से बचाना ही उनका मुख्य उद्देश्य है।

ई20 पेट्रोल पर विवाद और सरकार का पक्ष

ई20 पेट्रोल को लेकर विवाद का मुख्य कारण पुराने वाहनों के पुर्जों का जल्दी खराब होना और माइलेज में कमी आना है। सरकार ने भी स्वीकार किया है कि सामान्य पेट्रोल की तुलना में ई20 पेट्रोल से माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत की कमी आ सकती है। हालांकि, सरकार का तर्क है कि यह मिश्रण बेहतर एंटी-नॉकिंग परफॉर्मेंस और इंजन की सफाई सुनिश्चित करता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रीमियम 100-ऑक्टेन पेट्रोल बिना इथेनॉल के मिलता रहेगा, लेकिन सामान्य उपयोग के लिए ई0 या ई10 पेट्रोल को दोबारा शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार ने इथेनॉल उत्पादन के बुनियादी ढांचे के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के माध्यम से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का फाइनेंस भी प्रदान किया है।