पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शामिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के सम्मान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा बयान दिया है। भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग के कामकाज की जमकर सराहना की है और कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने बंगाल में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने के लिए जो ऐतिहासिक कार्य किया है, उसके लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा जाना चाहिए। उनके अनुसार, ज्ञानेश कुमार का कार्य बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
मतदान के अधिकार की वास्तविक बहाली
शामिक भट्टाचार्य ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि ज्ञानेश कुमार ने बंगाल के आम नागरिकों को उनके वोट देने का वास्तविक अधिकार वापस दिलाया है। उन्होंने विस्तार से बताया कि राज्य के हर गली और मोहल्ले में आज इसी बात की चर्चा हो रही है कि चुनाव आयोग ने इस बार मतदान की प्रक्रिया को कितनी सटीकता, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया है और भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, लोगों के बीच यह विश्वास फिर से जागा है कि उनका वोट अब सुरक्षित है और वे बिना किसी बाहरी दबाव या डर के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने इसे बंगाल के नागरिकों की एक बड़ी जीत बताया।
70 वर्षों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और उपलब्धि
अपने बयान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए शामिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि पिछले 70 वर्षों के लंबे इतिहास में ऐसा कोई भी अधिकारी या आयोग नहीं रहा, जो इस तरह का बुनियादी बदलाव ला सके। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हुए चुनाव प्रबंधन को एक ऐसी उपलब्धि बताया जो पिछले सात दशकों में कभी नहीं देखी गई। भट्टाचार्य का मानना है कि बंगाल की चुनावी राजनीति में जो सुधार इस बार देखने को मिले हैं, वे अभूतपूर्व हैं और इसी कारण उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की पुरजोर वकालत की है और उनके अनुसार, यह सम्मान उस निष्पक्षता के लिए होगा जो बंगाल के मतदाताओं ने इस बार महसूस की है।
जबरन वसूली के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का विजन
चुनाव आयोग की प्रशंसा करने के साथ-साथ शामिक भट्टाचार्य ने राज्य में भाजपा के नेतृत्व और उनके राजनीतिक विजन पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मुख्य विचार जबरन वसूली (extortion) के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाना है। भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि पूरी पार्टी और उसके कार्यकर्ता इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी पूरी जान लगाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल को जबरन वसूली के चंगुल से मुक्त कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए वे निरंतर संघर्ष कर रहे हैं।
विधेयक की तकनीकी खामियां और भविष्य की योजना
हाल ही में चर्चा में रहे एक विशेष विधेयक (बिल) के संबंध में पूछे गए सवाल पर राज्यसभा सांसद ने पार्टी का रुख स्पष्ट किया और उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि यदि कानून में कोई तकनीकी त्रुटि या कानूनी कमी थी, जिसके कारण उसे वापस भेजा गया है, तो उन सभी पहलुओं को बारीकी से देखा जाएगा और उन्हें दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने पूर्ण विश्वास के साथ कहा कि यह बिल आज नहीं तो कल निश्चित रूप से बनेगा और कानून का रूप लेगा और भट्टाचार्य ने यह भी जोड़ा कि सरकार इस बिल को लेकर किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
