नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) स्थित एक फार्मा कंपनी की फैक्ट्री में जहरीली गैस के रिसाव का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब चित्तूर जिले में गैस लीक की खबर आई है। खबर है कि चित्तूर (Chittoor) के डेरी प्लांट में गैस लीक (Gas Leak) हुई है, जिसकी चपेट में 14 मजूदर आए हैं। बेहोशी की हालत में सभी मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां तीन की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
चित्तूर के कलेक्टर नारायण भारत गुप्ता का कहना है कि डेरी में गैस का रिसाव हो जाने के कारण वहां पर काम कर रहे 14 मजदूर इसकी चपेट में आ गए। गैस की महक से कंपनी में मौजूद मजदूरों की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। गैस लीक होने के खबर मिलते ही सभी मजदूरों को वहां से बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन मजदूरों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
14 labourers who were working at the dairy have been shifted to hospital, of them 3 are serious but stable. Tomorrow ground level situation will be reviewed by Industries Dept General Manager & fire department officials: Dr Narayan Bharat Gupta, Chittoor Dist Collector https://t.co/BaWUkq5Cy8 pic.twitter.com/2MizgkaJnl
— ANI (@ANI) August 20, 2020
डेरी प्लांट में गैस रिसाव की खबर मिलने पर टीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बेटे लोकेश नारा ने ट्वीट इस घटना पर चिंता जताई है। लोकेश नारा ने ट्वीट करते हुए कहा,'चित्तूर के डेरी प्लांट से गैस लीक होने के कारण 14 लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्लांट से निकल रही गैस से लगभग 25 लोग प्रभावित हुए हैं। जितने भी लोग इस घटना में प्रभावित हुए हैं उनका बेहतर इलाज किया जाना चाहिए।'
मई में विशाखापट्टनम में भी हुई थी गैस लीक
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में पॉलिमर इंडस्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव होने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में करीब 1,000 लोग बीमार हो गए थे। उस वक्त पर्यावरणविदों ने सलाह दी थी कि विशाखापत्तनम में जिस कारखाने से स्टाइरीन गैस का रिसाव हुआ है, उसके आसपास के क्षेत्र से सभी लोगों को तत्काल हटाया जाना चाहिए।
