रांची में छात्रों ने फूंका हेमंत सोरेन राहुल गांधी और तेजस्वी का पुतला

रांची में JPSC और JSSC परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का पुतला फूंका। छात्रों ने 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम देते हुए 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है।

झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन अब एक उग्र मोड़ ले चुका है। राज्य में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों ने रविवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया। छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन न केवल रांची में बल्कि पूरे झारखंड में देखा गया, जहां युवाओं ने सरकार की नीतियों और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान और अल्टीमेटम

आंदोलनकारी छात्रों ने हेमंत सोरेन सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने के लिए 18 अगस्त तक का समय दिया है। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 18 अगस्त तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 20 अगस्त को राज्य भर के लाखों छात्र रांची पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। छात्रों का कहना है कि वे अब सीधे मुख्यमंत्री से जवाब मांगेंगे और तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

23 दिनों से जारी है आंदोलन और सरकार की बेरुखी

गौरतलब है कि झारखंड के इन आंदोलनकारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन का आज 23वां दिन है। पिछले 22 दिनों तक छात्रों ने अत्यंत शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया, लेकिन सरकार की ओर से कोई औपचारिक बातचीत न होने के कारण अब छात्रों ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। आज एसडीओ और एडीएम भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का हाल-चाल लेने पहुंचे थे, लेकिन छात्रों का कहना है कि इस दौरान मांगों को लेकर या किसी आधिकारिक मीटिंग को लेकर कोई बात नहीं हुई। सरकार की इस बेरुखी से छात्रों में भारी निराशा और नाराजगी व्याप्त है।

अनशनकारी छात्रों की बिगड़ती हालत और भावुक अपील

लंबे समय से अनशन पर बैठे छात्रों की शारीरिक स्थिति अब चिंताजनक होती जा रही है। अनशन पर बैठे एक छात्र प्रेम नायक ने भावुक होते हुए कहा कि उनके शरीर में अब ज्यादा जान नहीं बची है और शायद वे ज्यादा दिन जीवित न रहें और प्रेम नायक ने सवाल उठाया कि क्या सरकार तब उनकी आवाज सुनेगी जब किसी छात्र की जान चली जाएगी। इसके बावजूद, न तो प्रेम नायक और न ही उनके साथी अपना अनशन तोड़ने को तैयार हैं। इससे पहले 15 अगस्त को रांची के अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की खबरें भी सामने आई थीं, जिससे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया है।

भगत सिंह के रास्ते पर चलने का संकल्प और इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि अब वे गांधी जी के रास्ते को छोड़कर भगत सिंह के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। इसी संकल्प के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के पुतले फूंके हैं। अब छात्र केवल मांगों को मनवाने तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी शुरू कर दी है। छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह आंदोलन और भी उग्र रूप में जारी रहेगा।