भारतीय मध्यक्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह चल रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच टीम इंडिया का कैंप छोड़कर अपने घर लौट गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पारिवारिक आपात स्थिति के कारण उन्हें मंगलवार सुबह चेन्नई से रवाना होना पड़ा। भारतीय टीम इस समय चेन्नई में है, जहां वह अपने अगले सुपर-8 मुकाबलों की तैयारी कर रही है। रिंकू सिंह के अचानक जाने से टीम के संयोजन पर असर पड़ने की संभावना है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद टीम इंडिया के लिए यह एक और चुनौतीपूर्ण खबर है।
पारिवारिक आपात स्थिति का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिंकू सिंह के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उनकी स्थिति गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इस खबर के मिलते ही रिंकू सिंह ने टीम प्रबंधन से छुट्टी का अनुरोध किया ताकि वह अपने परिवार के साथ रह सकें। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत घर जाने की अनुमति दे दी है और रिंकू सिंह मंगलवार सुबह ही चेन्नई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच पर प्रभाव
रिंकू सिंह का इस समय टीम से अलग होना भारतीय प्रबंधन के लिए एक चुनौती है, क्योंकि टीम 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने अगले सुपर-8 मैच की तैयारी कर रही है। मंगलवार को चेन्नई में आयोजित अभ्यास सत्र में रिंकू सिंह ने हिस्सा नहीं लिया। हालांकि उनकी वापसी की तारीख के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह माना जा रहा है कि वह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मैच में उपलब्ध नहीं रहेंगे। उनकी अनुपस्थिति में संजू सैमसन या किसी अन्य खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। टीम प्रबंधन अब मध्यक्रम के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहा है।
टूर्नामेंट में रिंकू सिंह का प्रदर्शन
रिंकू सिंह ने अब तक टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत द्वारा खेले गए सभी पांच मैचों में हिस्सा लिया है। हालांकि, बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के लिए यह टूर्नामेंट अब तक चुनौतीपूर्ण रहा है। इस विश्व कप में उनके स्कोर 6, 1, 11*, 6* और 0 रहे हैं। हर मैच में बल्लेबाजी का अवसर मिलने के बावजूद वह कोई बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 11 रन रहा है। उनके खराब प्रदर्शन के कारण टीम में उनके स्थान को लेकर पहले ही चर्चाएं शुरू हो गई थीं, और अब उनकी अनुपस्थिति टीम को नई रणनीति बनाने पर मजबूर करेगी।
सेमीफाइनल की राह और टीम इंडिया की स्थिति
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में अपने सभी चार मैच जीतकर शानदार तरीके से सुपर-8 में प्रवेश किया था। हालांकि, सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम को 76 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा। अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को अपने अगले दोनों मैच जीतने अनिवार्य हैं और जिम्बाब्वे के बाद भारत का मुकाबला वेस्टइंडीज से होगा। टूर्नामेंट के इस निर्णायक मोड़ पर टीम को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सुधार करने की आवश्यकता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, जिससे अंक तालिका में स्थिति जटिल हो गई है।
