मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन ने इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक पारी खेली है। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से सैमसन ने मात्र 42 गेंदों में 89 रनों की आक्रामक पारी खेली। इस पारी के दौरान उन्होंने 8 चौके और 7 शानदार छक्के लगाए। आंकड़ों के अनुसार, इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज खिलाड़ियों, रोहित शर्मा और विराट कोहली के बड़े कीर्तिमानों को या तो पीछे छोड़ दिया है या उनकी बराबरी कर ली है।
संजू सैमसन का ऐतिहासिक प्रदर्शन और वानखेड़े का मुकाबला
मैच के आधिकारिक विवरण के अनुसार, भारतीय टीम की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही थी, लेकिन संजू सैमसन ने मध्यक्रम में आकर पारी को संभाला। उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। 90 रहा, जिसने भारतीय टीम को एक मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया। इस पारी ने न केवल टीम को मजबूती दी, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर सैमसन के लिए यह टूर्नामेंट का सबसे सफल मैच साबित हुआ।
रोहित शर्मा का छक्कों का रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त
संजू सैमसन ने इस मैच में 7 छक्के लगाकर एक टी20 वर्ल्ड कप संस्करण में भारत की ओर से सर्वाधिक छक्के लगाने का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के नाम था, जिन्होंने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में कुल 15 छक्के लगाए थे। सैमसन ने इस टूर्नामेंट के मात्र 4 मैचों में ही 16 छक्के पूरे कर लिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस सूची में शिवम दुबे 15 छक्कों के साथ दूसरे और ईशान किशन व हार्दिक पांड्या 14-14 छक्कों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।
विराट कोहली के नॉकआउट स्कोर की बराबरी
सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर 89 रनों की पारी खेलकर संजू सैमसन ने विराट कोहली के एक विशेष रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में भारत की ओर से सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अब संयुक्त रूप से कोहली और सैमसन के नाम हो गया है। विराट कोहली ने साल 2016 के टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 89 रन बनाए थे। अब सैमसन ने भी इंग्लैंड के खिलाफ ठीक 89 रन बनाकर इस सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
एक ही टूर्नामेंट में दो बार 75 से अधिक का स्कोर
सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, संजू सैमसन अब विराट कोहली के बाद दूसरे ऐसे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने एक ही टी20 वर्ल्ड कप संस्करण में दो बार 75 या उससे अधिक रनों की पारी खेली है। कोहली ने यह उपलब्धि साल 2016 के टूर्नामेंट में हासिल की थी। सैमसन ने इस वर्ल्ड कप में अपनी निरंतरता साबित करते हुए पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ और अब इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में बड़े स्कोर बनाए हैं।
टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में वापसी और संघर्ष
संजू सैमसन के लिए इस टूर्नामेंट का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज में खराब फॉर्म के कारण उन्हें शुरुआती मैचों में प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिली थी। सुपर-8 चरण से पहले उन्हें केवल एक मैच में मौका मिला था। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम की हार के बाद उन्हें दोबारा शामिल किया गया। वेस्टइंडीज के खिलाफ महत्वपूर्ण पारी खेलने के बाद सैमसन ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की और इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं के फैसले को सही साबित किया।
