शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1100 अंक टूटा और निफ्टी 23550 के नीचे फिसला, निवेशकों के 6 लाख करोड़ डूबे

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई जिससे निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए। सेंसेक्स 1100 अंक और निफ्टी 23550 के नीचे बंद हुआ। मानसून की चिंता और मुनाफावसूली गिरावट के मुख्य कारण रहे।

भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में चौतरफा बिकवाली का ऐसा दौर चला कि निवेशकों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सुबह के समय बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला था, जिससे निवेशकों को उम्मीद थी कि सत्र सकारात्मक रहेगा। हालांकि, दोपहर होते-होते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि दलाल स्ट्रीट पर खून-खराबे जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस भारी गिरावट के कारण बीएसई सेंसेक्स लगभग 1100 अंक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23550 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसलकर बंद हुआ। बाजार में आए इस अचानक भूचाल ने निवेशकों की मेहनत की कमाई पर पानी फेर दिया और देखते ही देखते लगभग 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट का विवरण

कारोबार के समापन पर एनएसई का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 50 भारी दबाव में नजर आया। बड़े शेयरों के साथ-साथ आज ब्रॉडर मार्केट पर भी पैनिक सेलिंग का साया रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में जहां 1 दशमलव 4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क कर बंद हुआ। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट ने तकनीकी चार्ट पर बाजार की स्थिति को कमजोर कर दिया है। निवेशकों ने आज के सत्र में हर उछाल पर बिकवाली की, जिससे बाजार को संभलने का मौका नहीं मिला और गिरावट गहराती चली गई।

ऑटो और मेटल शेयरों में मची भारी तबाही

आज के कारोबार की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि आईटी सेक्टर को छोड़कर बाजार के लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स लाल निशान में डूबे रहे। बाजार को नीचे धकेलने में ऑटो, मेटल, एनर्जी और ऑयल एंड गैस सेक्टर्स की भूमिका सबसे प्रमुख रही। ये सभी सेक्टर्स आज के सत्र में लगभग 2 प्रतिशत तक टूटकर बंद हुए। ऑटो सेक्टर में गिरावट का मुख्य कारण ग्रामीण मांग को लेकर अनिश्चितता और कच्चे माल की बढ़ती कीमतें मानी जा रही हैं। वहीं, मेटल शेयरों पर वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर देखने को मिला।

आज के टॉप लूजर्स और गेनर्स

निफ्टी 50 के शेयरों में आज सबसे ज्यादा मार आयशर मोटर्स, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, ओएनजीसी और बजाज ऑटो के शेयरों पर पड़ी। इन शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई जिससे इनके भाव काफी नीचे आ गए। हालांकि, इस निराशाजनक माहौल में भी कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के शेयर हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। आईटी शेयरों में आई इस खरीदारी ने बाजार को और अधिक गिरने से बचाने में थोड़ी मदद जरूर की।

बाजार में गिरावट के पीछे के मुख्य कारण

विशेषज्ञों ने शुक्रवार को आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण कारणों की पहचान की है। सबसे प्रमुख कारण वीकेंड से पहले निवेशकों द्वारा की गई तेज मुनाफावसूली रही। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की खबरें और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग गतिविधियों के दोबारा शुरू होने की चर्चाओं ने बाजार में अस्थिरता पैदा की। घरेलू मोर्चे पर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा मानसून के अनुमान को घटाकर 90 प्रतिशत करने की खबर ने निवेशकों को डरा दिया। कम बारिश और एल नीनो की आशंका से खाद्य महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

MSCI इंडेक्स में बदलाव का असर

बाजार में उतार-चढ़ाव का एक और बड़ा कारण एमएससीआई (MSCI) इंडेक्स में किया गया बदलाव रहा। फेडरल बैंक, इंडियन बैंक और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) जैसे शेयरों को एमएससीआई ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल किया गया है। इस तरह के बदलावों के कारण अक्सर बड़े संस्थागत निवेशक अपने पोर्टफोलियो में फेरबदल करते हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ जाती है। इन सभी वैश्विक और घरेलू कारकों ने मिलकर बाजार में बिकवाली का ऐसा माहौल बनाया कि निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।