खरगोन उपद्रव / जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा शिवम, 36 घंटे बीतने के बाद भी नहीं आया होश, टल गई बहन की शादी

Zoom News : Apr 14, 2022, 04:06 PM
खरगोन जिले में रामनवमी के दिन हुए उपद्रव में घायल हुए शिवम शुक्ला को चार दिन बीत जाने के बाद भी होश नहीं आया है। शिवम घटना वाले दिन के बाद से इंदौर के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। उसके सिर में गंभीर चोट आई है, जिसके चलते उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। गंभीर चोट की वजह से सिर की कुछ हड्डियां टूटकर ब्रेन में चली गई थी, जिसका डॉक्टर्स ने ऑपरेशन कर दिया है। फिलहाल शिवम की हालत में सुधार तो है लेकिन 36 घंटे से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी उसे होश नहीं आया है। 

बहन की शादी आगे बढ़ी

शिवम की बहन कृतिका शुक्ला की शादी 17 अप्रैल को होना तय था। लेकिन शिवम की हालत को देखते हुए दोनों परिवारों ने शादी को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। बहन की शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके थे। शिवम शुक्ला धार जिले का रहने वाला है।उसकी बहन की शादी गुजरात में हो रही है। 

खरगोन में रहकर पढ़ाई कर रहा है शिवम

धार जिले के रहने वाला शिवम खरगोन में अपने मामा के यहां रहता है। वह खरगोन के पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा कर रहा है। घटना वाले दिन शिवम अपने मामा के लड़के और कुछ दोस्तों के साथ सिद्धनाथ मंदिर में दर्शन करने जा रहा था। जिस समय उपद्रवियों ने पथराव किया उसी दौरान शिवम को गोली लग गई और वह घायल हो गया। 

गंभीर रुप से जख्मी शिवम को खरगोन जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। शिवम की हालत को लेकर परिजन बेहद चिंतित हैं। शिवम की मामी ने बताया कि उनका भांजा पढ़ने में बेहद होशियार है। बहन की शादी को लेकर वह काफी उत्साहित था, उसने शादी के लिए नए कपड़े भी लिए थे। वहीं , परिजनों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। परिवार वालों का कहना है कि बड़ी घटना होने के बाद भी किसी ने शिवम की हालत के बारे में जानकारी नहीं ली। विधायक कुछ ही दूरी पर रहते हैं लेकिन न तो उनसे किसी तरह की मदद मिली न ही उन्होंने सुध ली। 

समाजिक संगठन कर रहे मदद

शिवम के स्वास्थ्य को लेकर परिजन बेहद चिंतित है। उसके इलाज में लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। कुछ समाजिक संगठनों ने परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की हैं, ताकि शिवम का इलाज हो सके। वहीं, सीएम राहत कोष से इलाज में खर्च के लिए मदद की बात कही गई है।

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