अमेरिका के सिएटल शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाली भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला के परिवार को न्याय की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है और सिएटल शहर प्रशासन ने कंडुला के परिवार के साथ ₹260 करोड़ (लगभग 31 मिलियन डॉलर) के वित्तीय समझौते पर सहमति व्यक्त की है। यह समझौता उस कानूनी लड़ाई का परिणाम है जो जनवरी 2023 में हुई उस घटना के बाद शुरू हुई थी, जिसमें एक तेज रफ्तार पुलिस वाहन ने जाह्नवी को टक्कर मार दी थी।
समझौते की आधिकारिक पुष्टि और विवरण
सिएटल सिटी अटॉर्नी एरिका इवांस ने इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि जाह्नवी कंडुला की मृत्यु एक अत्यंत दुखद घटना थी और उन्होंने आधिकारिक बयान में कहा कि शहर को उम्मीद है कि इस वित्तीय समझौते से कंडुला परिवार को कुछ सांत्वना मिलेगी। दोनों पक्षों ने पिछले शुक्रवार को किंग काउंटी सुपीरियर कोर्ट में समझौते का नोटिस दाखिल किया। सिटी अटॉर्नी के अनुसार, जाह्नवी का जीवन उनके परिवार, दोस्तों और समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था और यह समझौता उस क्षति की भरपाई का एक प्रयास है।
घटनाक्रम और पुलिस की लापरवाही
यह घटना 23 जनवरी 2023 की है, जब 23 वर्षीय जाह्नवी कंडुला सिएटल में सड़क पार कर रही थीं। उसी समय पुलिस अधिकारी केविन डेव एक ड्रग ओवरडोज की कॉल पर प्रतिक्रिया देते हुए अपनी गश्ती कार को अत्यधिक तेज गति से चला रहे थे। जांच रिपोर्टों के अनुसार, जिस क्षेत्र में गति सीमा 25 मील प्रति घंटा थी, वहां अधिकारी डेव की गाड़ी की रफ्तार लगभग 74 मील प्रति घंटा थी। हालांकि अधिकारी ने अपनी इमरजेंसी लाइट ऑन की हुई थी और चौराहों पर सायरन बजा रहा था, लेकिन अत्यधिक गति के कारण वह समय पर वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और जाह्नवी को टक्कर लग गई।
बॉडीकैम फुटेज और सार्वजनिक आक्रोश
जाह्नवी की मृत्यु के बाद मामला तब और अधिक गंभीर हो गया जब एक अन्य पुलिस अधिकारी डैनियल ऑडरर के बॉडी कैमरे की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक हुई। इस फुटेज में ऑडरर को घटना के बारे में हंसते हुए और जाह्नवी के जीवन की कीमत को कम बताते हुए सुना गया था। उन्होंने रिकॉर्डिंग में कहा था कि शहर को बस एक चेक लिख देना चाहिए क्योंकि उसकी ज़िंदगी की सीमित कीमत है। इस असंवेदनशील टिप्पणी के बाद भारत सरकार और प्रवासी भारतीयों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। भारतीय राजनयिकों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
सार्वजनिक दबाव और आंतरिक जांच के बाद, सिएटल पुलिस विभाग ने ड्राइविंग करने वाले अधिकारी केविन डेव और असंवेदनशील टिप्पणी करने वाले अधिकारी डैनियल ऑडरर दोनों को सेवा से मुक्त कर दिया है। नागरिक निगरानी संस्था ने पाया कि ऑडरर की बातों से विभाग की प्रतिष्ठा को गंभीर ठेस पहुंची और जनता का भरोसा कम हुआ। हालांकि, किंग काउंटी के अभियोजकों ने केविन डेव के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप लगाने से इनकार कर दिया, क्योंकि वे यह साबित नहीं कर सके कि अधिकारी जानबूझकर सुरक्षा की अनदेखी कर रहा था। डेव पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप लगाया गया और $5,000 का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया।
विश्लेषकों का दृष्टिकोण
कानूनी विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता अमेरिका में पुलिस जवाबदेही के मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी राशि का समझौता शहर प्रशासन द्वारा अपनी नागरिक जिम्मेदारी को स्वीकार करने का संकेत है और जाह्नवी कंडुला नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के सिएटल कैंपस में इंफॉर्मेशन सिस्टम में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही थीं और अपने परिवार की एकमात्र उम्मीद थीं। इस समझौते के माध्यम से प्रशासन ने न केवल वित्तीय सहायता प्रदान की है, बल्कि पुलिस प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।
