मुंबई के प्रभादेवी स्थित 'बो मोंड' (Beau Monde) अपार्टमेंट में रहने वाले बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की सुरक्षा में अचानक हुई बढ़ोतरी ने सोसाइटी के अन्य निवासियों के बीच चिंता और असंतोष पैदा कर दिया है और अभिनेता को हाल ही में मिली एक अज्ञात धमकी के बाद उनके आवास और बिल्डिंग परिसर में सशस्त्र सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इस कदम से सोसाइटी के सदस्य असहज महसूस कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप सोसाइटी की प्रबंध समिति ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से औपचारिक स्पष्टीकरण की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रणवीर सिंह को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप पर वॉयस नोट के माध्यम से धमकी दी गई थी, जिसमें उनसे करोड़ों रुपये की मांग की गई है। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस और अभिनेता की निजी सुरक्षा टीम ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा कर दिया है। हालांकि, आवासीय परिसर के भीतर हथियारों के साथ सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी ने निवासियों के बीच सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हथियारबंद सुरक्षा और सोसाइटी की नाराजगी
सोसाइटी के सदस्यों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक पत्र जमा किया है, जिसमें उन्होंने बिल्डिंग के जिम और कॉमन एरिया में हथियारबंद गार्ड्स की मौजूदगी पर आपत्ति जताई है और निवासियों का कहना है कि परिसर के भीतर कम से कम 6 सशस्त्र गार्ड और पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। सोसाइटी कमेटी का तर्क है कि इस तरह की भारी सुरक्षा तैनाती से पहले निवासियों या प्रबंधन समिति से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। सदस्यों के अनुसार, आवासीय क्षेत्र में हथियारों का इस तरह प्रदर्शन सामान्य जीवन में भय का माहौल पैदा कर रहा है।
पुलिस को सौंपा गया ज्ञापन और तीन मुख्य सवाल
सोसाइटी की कमेटी ने दादर पुलिस स्टेशन को सौंपे गए अपने ज्ञापन में तीन प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। पहला सवाल यह है कि क्या आवासीय परिसर के भीतर तैनात निजी सुरक्षा गार्डों के पास लाइसेंसी हथियार ले जाने का वैध अधिकार है। दूसरा, क्या दादर पुलिस स्टेशन ने इन गार्डों को परिसर के भीतर हथियारों के साथ तैनात होने की अनुमति दी है। तीसरा, समिति ने उन पुलिस कर्मियों का विवरण मांगा है जो अभिनेता के फ्लैट पर तैनात हैं, जिसमें उनके विभाग और तैनाती की प्रकृति की जानकारी शामिल है।
धमकी का तरीका और पुलिस जांच का दायरा
प्रारंभिक जांच के अनुसार, रणवीर सिंह के सहायक को व्हाट्सएप पर एक वॉयस नोट प्राप्त हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि धमकी देने वाले ने वॉयस नोट का उपयोग इसलिए किया क्योंकि अभिनेता के फोन पर अज्ञात कॉलर्स को ब्लॉक करने की सेटिंग सक्रिय हो सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह संदेह जताया जा रहा है कि फिल्म जगत की 8-10 अन्य हस्तियों को भी इसी तरह की धमकियां मिली हो सकती हैं, हालांकि अधिकांश ने अब तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। यह घटनाक्रम निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई हालिया फायरिंग की घटना के बाद सामने आया है, जिसमें पुलिस ने पहले ही 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और कानूनी विश्लेषण
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आवासीय परिसर में निजी सशस्त्र सुरक्षा की तैनाती के लिए स्थानीय पुलिस की अनुमति और सोसाइटी के नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। हालांकि, जब मामला किसी हाई-प्रोफाइल व्यक्ति की सुरक्षा और संभावित खतरे से जुड़ा हो, तो पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने का अधिकार होता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले में पुलिस को सुरक्षा और निवासियों की चिंताओं के बीच संतुलन बनाना होगा। वर्तमान में, दादर पुलिस सोसाइटी के ज्ञापन की समीक्षा कर रही है और जल्द ही इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दे सकती है।
फिलहाल, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है। पुलिस तकनीकी विश्लेषण के जरिए उस व्हाट्सएप संदेश के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सोसाइटी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे सुरक्षा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे प्रक्रियात्मक पारदर्शिता और निवासियों की मानसिक शांति सुनिश्चित करना चाहते हैं।
