एकता कपूर का खुलासा: प्रियंका चोपड़ा बन सकती थीं 'नागिन', फिल्म की थी योजना

निर्माता एकता कपूर ने खुलासा किया है कि उनकी सुपरहिट फ्रेंचाइजी 'नागिन' मूल रूप से प्रियंका चोपड़ा और कैटरीना कैफ के साथ एक बड़े बजट की फिल्म के रूप में सोची गई थी।

भारतीय टेलीविजन जगत की प्रमुख निर्माता एकता कपूर ने हाल ही में एक साक्षात्कार में एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी सबसे सफल टेलीविजन फ्रेंचाइजी में से एक, 'नागिन', वास्तव में एक फीचर फिल्म के रूप में शुरू होने वाली थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उन्होंने बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों प्रियंका चोपड़ा जोनास और कैटरीना कैफ से संपर्क किया था। हालांकि, विभिन्न कारणों और अभिनेत्रियों के संदेह के चलते यह फिल्म धरातल पर नहीं उतर सकी और बाद में इसे एक टेलीविजन शो के रूप में रूपांतरित किया गया, जिसने टीआरपी के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।

एकता कपूर के अनुसार, इस विचार का जन्म उनकी फिल्म 'द डर्टी पिक्चर' की भारी सफलता के बाद हुआ था। वह भारतीय लोककथाओं पर आधारित कुछ ऐसा बनाना चाहती थीं जिसमें एक महिला कलाकार मुख्य भूमिका में हो। उन्होंने महसूस किया कि भारतीय सिनेमा में लोककथाओं और अलौकिक शक्तियों वाली कहानियों में अपार संभावनाएं हैं, बशर्ते उन्हें आधुनिक दृष्टिकोण के साथ पेश किया जाए। इसी सोच के साथ उन्होंने 'नागिन' की पटकथा पर काम शुरू किया था।

कैटरीना कैफ की प्रतिक्रिया और बाजार का संदेह

एकता कपूर ने फिल्म कंपेनियन के साथ बातचीत में याद किया कि जब उन्होंने कैटरीना कैफ को इस विषय के बारे में बताया, तो उनकी प्रतिक्रिया काफी चौंकाने वाली थी। एकता ने कहा कि कैटरीना को इस बात पर संदेह था कि क्या आज के आधुनिक युग में दर्शक 'नागिन' जैसे विषय को स्वीकार करेंगे। कैटरीना ने बाजार की मांग और दर्शकों की पसंद पर सवाल उठाए थे। एकता ने मजाक में यह भी साझा किया कि कैटरीना को लगा था कि शायद वह किसी नशे के प्रभाव में ऐसा अजीब विचार लेकर आई हैं। इस संदेह ने एकता को सोचने पर मजबूर किया कि क्या बड़े पर्दे पर इस तरह के प्रयोग के लिए बाजार तैयार है।

प्रियंका चोपड़ा की रुचि और वैश्विक प्रतिबद्धताएं

कैटरीना कैफ के बाद, एकता कपूर ने प्रियंका चोपड़ा जोनास से संपर्क किया। एकता के अनुसार, प्रियंका ने इस विषय में काफी रुचि दिखाई थी और वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए तैयार भी थीं। हालांकि, उस समय प्रियंका अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स की ओर रुख कर रही थीं। समय की कमी और प्रियंका की विदेश यात्राओं के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। एकता ने स्वीकार किया कि वह उस समय काफी निराश हुई थीं क्योंकि उन्हें लगा था कि दो बड़ी अभिनेत्रियों के मन में भारतीय दर्शकों की पसंद को लेकर संशय था।

फिल्म से टेलीविजन तक का सफल सफर

जब फिल्म के रूप में 'नागिन' को बनाना संभव नहीं लगा, तो एकता कपूर ने अपना ध्यान टेलीविजन की ओर केंद्रित किया और उन्होंने महसूस किया कि टेलीविजन एक ऐसा माध्यम है जहाँ बिना किसी बड़े फिल्मी सितारे के भी जोखिम लिया जा सकता है। एकता ने बताया कि उसी दौरान फिल्म 'बाहुबली' की सफलता ने उन्हें विश्वास दिलाया कि भारतीय दर्शक लोककथाओं और फंतासी को पसंद करते हैं। इसके बाद, 2015 में 'नागिन' को टीवी पर लॉन्च किया गया, जिसमें मौनी रॉय ने मुख्य भूमिका निभाई। शो की सफलता ने यह साबित कर दिया कि एकता का विजन सही था और दर्शकों ने इस अलौकिक ड्रामे को हाथों-हाथ लिया।

भारतीय लोककथाओं का प्रभाव और विश्लेषण

मनोरंजन उद्योग के विश्लेषकों के अनुसार, एकता कपूर की 'नागिन' ने भारतीय टेलीविजन पर अलौकिक और फंतासी शैली को पुनर्जीवित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह फिल्म ₹200 करोड़ के बजट के साथ प्रियंका चोपड़ा के साथ बनती, तो यह भारतीय सिनेमा में जेंडर की बाधाओं को तोड़ने वाली एक बड़ी फिल्म साबित हो सकती थी। हालांकि, टेलीविजन पर इसके 6 सफल सीजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोककथाओं की जड़ें भारतीय दर्शकों के बीच बहुत गहरी हैं। एकता कपूर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह हमेशा से एक ऐसी फिल्म बनाना चाहती थीं जो महिला प्रधान हो और भारतीय संस्कृति के रहस्यों को उजागर करे।

निष्कर्ष के तौर पर, 'नागिन' का सफर यह दर्शाता है कि कैसे एक अस्वीकृत फिल्म विचार टेलीविजन के इतिहास की सबसे बड़ी हिट बन सकता है। आज यह फ्रेंचाइजी न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचानी जाती है। एकता कपूर की यह कहानी फिल्म निर्माण की अनिश्चितताओं और रचनात्मक दृढ़ता का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करती है।

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