आदित्य धर द्वारा निर्देशित और रणवीर सिंह अभिनीत जासूसी थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर' ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है और सिनेमाघरों में ऐतिहासिक सफलता दर्ज करने के बाद, यह फिल्म अब ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। विशेष रूप से पाकिस्तान में, जहां इस फिल्म के प्रदर्शन पर सिनेमाघरों में प्रतिबंध लगा दिया गया था, वहां यह नेटफ्लिक्स पर नंबर एक फिल्म बनकर उभरी है। 30 जनवरी को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के मात्र तीन दिनों के भीतर ही इसने पड़ोसी देश में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।
पाकिस्तान में 'धुरंधर' की अभूतपूर्व लोकप्रियता
नेटफ्लिक्स टुडम द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 'धुरंधर' 26 जनवरी से 1 फरवरी के सप्ताह के दौरान पाकिस्तान में सबसे अधिक देखी जाने वाली फिल्म रही। फिल्म की कहानी में कराची के लयारी शहर और वहां सक्रिय माफिया गिरोहों के चित्रण के कारण इसे पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने सिनेमाघरों में रिलीज की अनुमति नहीं दी थी। विश्लेषकों का मानना है कि इसी प्रतिबंध ने दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता पैदा की, जिसके परिणामस्वरूप डिजिटल रिलीज होते ही इसे भारी संख्या में देखा गया। पाकिस्तान की शीर्ष सूची में 'धुरंधर' के अलावा अन्य भारतीय फिल्में जैसे धनुष की 'तेरे इश्क में' और इमरान हाशमी की 'हक' भी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।
वैश्विक स्तर पर फिल्म का प्रदर्शन
पाकिस्तान और भारत के अलावा, 'धुरंधर' पांच अन्य देशों में भी शीर्ष स्थान पर काबिज है। इनमें बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान और मॉरीशस शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मॉरीशस को छोड़कर इनमें से किसी भी देश में फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज नहीं किया गया था। बांग्लादेश और श्रीलंका में भी यह फिल्म वर्तमान में दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म बनी हुई है और फिल्म की इस सफलता का श्रेय इसकी सस्पेंस से भरी पटकथा और कलाकारों के प्रदर्शन को दिया जा रहा है, जिसमें अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर माधवन और सारा अर्जुन ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
भारत में व्यूअरशिप के नए रिकॉर्ड
भारतीय बाजार में भी 'धुरंधर' ने ओटीटी पर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उद्योग जगत की रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म ने अपने शुरुआती तीन दिनों में ही 76 लाख व्यूज हासिल कर लिए हैं। यह आंकड़ा हाल के समय की बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों जैसे 'एनिमल', 'फाइटर' और 'पुष्पा 2: द रूल' के शुरुआती ओटीटी व्यूज से भी अधिक बताया जा रहा है। फिल्म की डिजिटल सफलता इसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के अनुरूप ही रही है, जहां इसने दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की थी।
विशेषज्ञों का विश्लेषण और प्रभाव
फिल्म समीक्षकों और उद्योग विश्लेषकों के अनुसार, 'धुरंधर' की सफलता यह दर्शाती है कि उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट भौगोलिक और राजनीतिक सीमाओं को पार करने की क्षमता रखता है। पाकिस्तान में फिल्म के प्रति आकर्षण का मुख्य कारण लयारी के माफिया गिरोहों का यथार्थवादी चित्रण माना जा रहा है, जिसे स्थानीय दर्शकों ने डिजिटल माध्यम से देखने में रुचि दिखाई। विशेषज्ञों का कहना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने उन क्षेत्रों में भी भारतीय सिनेमा की पहुंच आसान बना दी है जहां पारंपरिक वितरण माध्यमों पर प्रतिबंध या सीमाएं लागू हैं।
निष्कर्ष के तौर पर, 'धुरंधर' ने न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी धाक जमाई है। नेटफ्लिक्स पर इसके प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जासूसी थ्रिलर शैली के प्रति दर्शकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। आने वाले हफ्तों में इसके व्यूअरशिप आंकड़ों में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि यह अभी भी कई प्रमुख बाजारों में ट्रेंडिंग लिस्ट में बनी हुई है।
