अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के जीवन और उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व पर आधारित नई डॉक्यूमेंट्री 'मेलानिया: 20 डेज टू हिस्ट्री' इन दिनों वैश्विक मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। लगभग ₹687 करोड़ ($82 मिलियन) के भारी-भरकम बजट के साथ तैयार की गई इस फिल्म को लेकर काफी उम्मीदें जताई जा रही थीं। हालांकि, फिल्म के लंदन प्रीमियर से आई खबरों ने फिल्म जगत को चौंका दिया है और रिपोर्ट्स के अनुसार, लंदन के एक प्रमुख सिनेमाघर में आयोजित प्रीमियर के दौरान फिल्म का केवल एक ही टिकट बिक सका। यह स्थिति तब है जब इस डॉक्यूमेंट्री का प्रचार स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किया गया था और मेलानिया ट्रंप स्वयं इसकी सह-निर्माता हैं।
बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन और प्रीमियर का विरोधाभास
सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 'मेलानिया: 20 डेज टू हिस्ट्री' ने अमेरिका में अपनी रिलीज के पहले दिन लगभग $7 मिलियन की कमाई की। विश्लेषकों का मानना है कि यह शुरुआती सफलता मुख्य रूप से डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की सक्रियता के कारण मिली। एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म के लिए $7 मिलियन की ओपनिंग को फिल्म उद्योग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। हालांकि, अमेरिका के बाहर इस फिल्म को दर्शकों का वैसा समर्थन नहीं मिल पाया और लंदन के इस्लिंगटन स्थित एक सिनेमाघर में स्क्रीनिंग के दौरान शाम के शो के लिए केवल दो टिकट बिके, जबकि प्रीमियर शो के लिए केवल एक व्यक्ति ने टिकट खरीदा।
लंदन स्क्रीनिंग और समीक्षकों की प्रतिक्रिया
ब्रिटिश कॉलमनिस्ट और फिल्म समीक्षक जूडिश वुड्स ने उत्तरी लंदन के एक मॉल में इस डॉक्यूमेंट्री को देखने के अपने अनुभव को साझा किया। उनके अनुसार, पूरे सिनेमाघर में केवल पांच दर्शक मौजूद थे। वुड्स ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि वहां मौजूद एक महिला ने केवल कड़ाके की ठंड से बचने के लिए सिनेमाघर में प्रवेश किया था, न कि फिल्म देखने की विशेष रुचि के कारण। फिल्म समीक्षकों ने डॉक्यूमेंट्री की सामग्री को लेकर भी सवाल उठाए हैं और कई समीक्षकों ने इसे एक 'प्रचार फिल्म' के रूप में देखा है, जिसके कारण आम दर्शकों ने इससे दूरी बना ली है।
ब्रेट रैटनर की निर्देशन में वापसी
इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन ब्रेट रैटनर ने किया है, जो लगभग 12 वर्षों के अंतराल के बाद फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में वापस आए हैं। रैटनर पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत विवादों और यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण सुर्खियों में रहे थे। हालांकि उन्होंने इन सभी आरोपों का खंडन किया है और उन पर कोई आपराधिक मामला सिद्ध नहीं हुआ है। रैटनर की वापसी और मेलानिया ट्रंप जैसे हाई-प्रोफाइल विषय पर फिल्म बनाने के बावजूद, फिल्म को वह सिनेमाई स्वीकार्यता नहीं मिल सकी जिसकी मेकर्स को उम्मीद थी।
डॉक्यूमेंट्री की विषय वस्तु और निर्माण
अमेजन एमजीएम स्टूडियोज द्वारा रिलीज की गई यह डॉक्यूमेंट्री मुख्य रूप से 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह से पहले के 20 दिनों पर केंद्रित है। फिल्म में मेलानिया ट्रंप को व्हाइट हाउस के ट्रांजिशन, शपथ ग्रहण की तैयारियों और अपने परिवार को वाशिंगटन वापस लाने की प्रक्रिया में व्यस्त दिखाया गया है। इसमें कई अनएक्सप्लोर्ड फुटेज, निजी बैठकें और बातचीत शामिल हैं, जो मेलानिया की फर्स्ट लेडी के रूप में भूमिका को गहराई से दिखाने का प्रयास करती हैं। फिल्म के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले विजुअल्स और निजी आर्काइव का उपयोग किया गया है, जो इसके ₹687 करोड़ के बजट को स्पष्ट करता है।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
फिल्म उद्योग के विश्लेषकों के अनुसार, किसी भी डॉक्यूमेंट्री की सफलता उसकी निष्पक्षता और दर्शकों के साथ जुड़ाव पर निर्भर करती है। 'मेलानिया: 20 डेज टू हिस्ट्री' के मामले में, फिल्म का राजनीतिक झुकाव और अत्यधिक प्रचार इसके लिए प्रतिकूल साबित हुआ है। जहां अमेरिका में एक विशेष वर्ग ने इसे हाथों-हाथ लिया, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे एक संतुलित डॉक्यूमेंट्री के रूप में नहीं देखा गया। लंदन जैसे वैश्विक फिल्म केंद्रों में इसकी विफलता यह दर्शाती है कि केवल बड़े बजट और राजनीतिक समर्थन के दम पर वैश्विक दर्शकों को आकर्षित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
