दक्षिण सूडान में सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया, जिसमें विमान में सवार सभी 13 यात्रियों और पायलट की मौत हो गई। इस दुर्घटना में विमान में सवार कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा है। यह दुखद घटना दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा के बाहरी इलाके में घटित हुई, जहां एक सेस्ना विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर गया। देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, खराब मौसम और कम दृश्यता इस दुर्घटना का मुख्य कारण हो सकती है।
खराब मौसम और कम दृश्यता बनी हादसे की वजह
नागरिक उड्डयन प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह हादसा जुबा से लगभग 20 किलोमीटर (12 मील) दूर स्थित एक इलाके में हुआ। अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार लोगों में दो केन्याई नागरिक शामिल थे, जबकि बाकी सभी यात्री दक्षिण सूडानी नागरिक थे। दुर्घटना की सूचना मिलते ही नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने दुर्घटनास्थल पर सूचना जुटाने और आपातकालीन सेवाओं की सहायता के लिए एक विशेष टीम रवाना की है।
दुर्घटनास्थल का दृश्य और राहत कार्य
सोशल मीडिया पर साझा किए गए दुर्घटनास्थल के वीडियो में विमान का मलबा आग की लपटों में घिरा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो फुटेज से संकेत मिलता है कि जिस स्थान पर विमान गिरा, वह पहाड़ी और धुंध से भरा हुआ क्षेत्र है। फिलहाल मौके पर आपातकालीन सेवाएं तैनात कर दी गई हैं और मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इस मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार किया जा रहा है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस एयरलाइंस की उड़ान में तकनीकी खराबी
एक अन्य घटनाक्रम में, दिल्ली एयरपोर्ट पर ज्यूरिख जाने वाली 'स्विस इंटरनेशनल एयर लाइन्स' की उड़ान एलएक्स147 को उड़ान भरने के दौरान तकनीकी खराबी के कारण रोकना पड़ा। इस ए330 विमान में कुल 232 यात्री सवार थे। विमानन कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, उड़ान भरने की प्रक्रिया के दौरान विमान के 'लैंडिंग गियर' की बाईं ओर से धुआं उठता देखा गया। चालक दल ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए उड़ान को बीच में ही रोक दिया और पूर्ण आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई और इस घटना के दौरान छह यात्रियों को चिकित्सीय सहायता प्रदान की गई है।
दक्षिण सूडान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है और तकनीकी जांच के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। वहीं दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई घटना के बाद विमान की गहन जांच की जा रही है ताकि तकनीकी खराबी के मूल कारण को समझा जा सके।
