टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, 10 दिन तक घर और जिम की रेकी कर रहे थे शूटर

मुंबई पुलिस ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की बड़ी साजिश का खुलासा किया है। हमलावरों ने 10 दिन तक उनके घर और जिम की रेकी की थी और सोशल मीडिया वीडियो से जानकारी जुटाई थी।

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में मुंबई पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज और गहरी साजिश का खुलासा किया है, जिससे बॉलीवुड गलियारों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया है। पिछले दिनों 19 अक्टूबर को हुई इस घटना के बाद से ही पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही थीं। अब जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं और यह दर्शाते हैं कि इस हमले को कितनी पेशेवर योजना के तहत अंजाम देने की कोशिश की गई थी। हमलावरों ने अभिनेता को निशाना बनाने से पहले लंबी और बेहद सतर्क तैयारी की थी, जिसमें तकनीक और सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल किया गया था।

घटना के विस्तृत विवरण के अनुसार, 19 अक्टूबर को अभिनेता टाइगर श्रॉफ जब फुटबॉल खेलकर अपने घर वापस लौट रहे थे, उसी दौरान उन पर अचानक ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। इस दौरान दो हमलावरों ने उन पर करीब पांच राउंड फायरिंग की, जबकि एक अन्य हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनका इंतजार कर रहा था ताकि वारदात को अंजाम देने के बाद तुरंत फरार हुआ जा सके। इस दुस्साहसिक वारदात ने हर किसी को हैरान कर दिया था और अब पुलिस की पूछताछ तथा तकनीकी जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि इस हमले को अचानक या तात्कालिक गुस्से में नहीं किया गया था, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश थी।

दस दिनों तक की गई घर और जिम की रेकी

जांच में यह बात सामने आई है कि इस जानलेवा हमले को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर और उनके जिम की लगातार दस दिनों तक रेकी की थी। पिछले तकरीबन दस दिनों से ये आरोपी टाइगर श्रॉफ के हर एक मूवमेंट और उनके दैनिक शेड्यूल पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए थे। वे लगातार यह देख रहे थे कि अभिनेता कब घर से निकलते हैं, किस समय जिम जाते हैं और कब वापस लौटते हैं। इस लंबी रेकी के दौरान उन्होंने टाइगर के सभी नियमित ठिकानों और आने-जाने के रास्तों की पूरी जानकारी जुटा ली थी, ताकि हमले के दिन किसी भी प्रकार की चूक न हो सके।

सोशल मीडिया और वीडियो का लिया गया सहारा

आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ के ठिकानों और उनकी दिनचर्या की जानकारी जुटाने के लिए बेहद आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया। उन्हें सोशल मीडिया पर पापराजी और विभिन्न ब्लॉगर्स द्वारा अपलोड किए गए वीडियो से टाइगर श्रॉफ के उन ठिकानों की सटीक जानकारी मिल रही थी जहाँ वे अक्सर आते-जाते रहते थे। पापराजी के वीडियो और रील्स के जरिए आरोपियों ने अभिनेता के जिम, उनके आवास और अन्य पसंदीदा स्थानों की लोकेशन को ट्रैक किया। इसके अलावा, आरोपी व्हाट्सएप और सिग्नल ऐप जैसे सुरक्षित माने जाने वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अपने हैंडलर्स के साथ लगातार संपर्क में बने हुए थे। इसी ऐप के माध्यम से उन्हें क्राइम स्पॉट की सटीक लोकेशन भी शेयर की गई थी, जिससे वे पूरी तरह से अपडेट रह सकें।

हैंडलर और गैंग की भूमिका की जांच

इस पूरे मामले में पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा जांच का विषय यह है कि क्या इस हमले का मुख्य हैंडलर अनिल पंडित था या फिर अनिल पंडित का कोई बेहद करीबी व्यक्ति इन तीनों शूटर्स के सीधे संपर्क में था और पुलिस की गहन जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि रेहान नाम का आरोपी सीधे तौर पर अनिल पंडित के संपर्क में था। सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को इस बात के पुख्ता डिजिटल फुटप्रिंट भी हाथ लगे हैं, जो रेहान और अनिल पंडित के बीच के संबंधों की पुष्टि करते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि रेहान के कहने पर ही एक नाबालिग लड़का इस गंभीर साजिश का हिस्सा बना था। यह नाबालिग लड़का हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। इसके अलावा, मुंबई में पहले से ही मौजूद ऋतिक नामक आरोपी ने नाबालिग शूटर और रेहान को सभी प्रकार की लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराई थी, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

कोटा पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और आरोपियों की गिरफ्तारी

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान की कोटा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस गिरफ्तारी की पूरी जानकारी साझा की। कोटा पुलिस ने बताया कि रेहान, ऋतिक और रोशन जयपुर से ट्रेन के जरिए दिल्ली जा रहे थे और इसी दौरान उन्हें धर दबोचा गया। ये सभी आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे और देश छोड़कर निकलने की योजना बना रहे थे। कोटा पुलिस ने रेहान को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी करार दिया है और पकड़े गए इन तीनों आरोपियों में से एक आरोपी नाबालिग है जिसकी उम्र सत्रह वर्ष है, जबकि बाकी दोनों आरोपी बालिग हैं।

पुलिस के आधिकारिक बयानों के अनुसार, मुख्य आरोपी रेहान कुख्यात बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित से लगातार संपर्क में था। कोटा पुलिस ने बताया कि ट्रेन के अंदर लगभग पंद्रह मिनट तक गहन जांच और तलाशी अभियान चलाने के बाद इन तीनों आरोपियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने एक बार फिर दोहराया कि टाइगर श्रॉफ पर हमला करने से पहले इन आरोपियों ने पूरे दस दिनों तक बेहद योजनाबद्ध तरीके से रेकी की थी और कोटा पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि रेहान सीधे तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है। इन सभी गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जल्द ही कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए मुंबई पुलिस को सौंपे जाने की जानकारी भी साझा की गई है, जिसके बाद मुंबई पुलिस इनसे और भी बड़े खुलासे उगलवा सकती है और इस साजिश के अन्य चेहरों को बेनकाब कर सकती है।