ट्रंप का बड़ा बयान: भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द! क्या शेयर बाजार में आएगी सुनामी?

दावोस में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक समझौते के सकारात्मक संकेत दिए हैं। पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि एक बड़ी डील होने वाली है, जिससे भारतीय निर्यातकों और शेयर बाजार में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

दावोस के बर्फीले पहाड़ों के बीच से भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद गर्म और उत्साहजनक खबर आई है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एक बड़े व्यापारिक समझौते (Trade Deal) के संकेत दिए हैं, जिससे न केवल कूटनीतिक गलियारों में बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों को लेकर बड़ी बात कही है,। जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में भारत के निर्यात क्षेत्र पर पड़ सकता है।

पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती का नया अध्याय

दावोस में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'मैं पीएम मोदी का बहुत सम्मान करता हूं, वह मेरे एक अच्छे दोस्त हैं। ' जब उनसे भारत के साथ व्यापार समझौते की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सकारात्मक लहजे में जवाब दिया। ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका एक बहुत अच्छी डील की ओर बढ़ रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि यह जल्द ही धरातल पर उतरेगी और यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का माहौल है और भारत अपनी विकास दर को बनाए रखने के लिए नए बाजारों की तलाश कर रहा है।

मिशन 500: व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए 'मिशन 500' पर काम चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य साल 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है और वर्तमान में दोनों देश व्यापक व्यापार समझौते और आपसी टैक्स कटौती को लेकर छह दौर की बातचीत पूरी कर चुके हैं। ट्रंप का ताजा बयान इस बात की पुष्टि करता है कि दोनों पक्ष लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक विवादों को सुलझाने के बेहद करीब हैं।

शेयर बाजार पर असर: टेक्सटाइल और फार्मा में आएगी तेजी?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस बयान का सबसे बड़ा फायदा उन। कंपनियों को होगा जिनका कारोबार मुख्य रूप से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर टिका है। विशेष रूप से टेक्सटाइल, फार्मा और झींगा फीड निर्यातकों के शेयरों में बड़ी रैली देखने को मिल सकती है। टेक्सटाइल सेक्टर की बात करें तो गोकलदास एक्सपोर्ट्स (Gokaldas Exports), वेलस्पन लिविंग (Welspun Living) और पर्ल ग्लोबल (Pearl Global) जैसी कंपनियों की 50 से 70 प्रतिशत तक की कमाई अमेरिकी बाजार से आती है। यदि व्यापार समझौता होता है और टैरिफ में कटौती की जाती है, तो इन कंपनियों के मुनाफे में जबरदस्त उछाल आने की संभावना है।

फार्मा सेक्टर के लिए नए अवसर

हालांकि वर्तमान में फार्मा सेक्टर पर कोई बड़ा टैरिफ नहीं है, लेकिन एक औपचारिक व्यापार समझौता इस क्षेत्र के लिए विनियामक बाधाओं को कम कर सकता है। भारतीय दवा कंपनियां अमेरिका के लिए जेनेरिक दवाओं की सबसे बड़ी आपूर्तिकर्ता हैं। एक स्थिर व्यापार नीति इन कंपनियों को लंबी अवधि के निवेश और विस्तार की योजना बनाने में मदद करेगी। निवेशकों की नजर अब आने वाले हफ्तों में होने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर टिकी है, जो बाजार की दिशा तय करेगी।