UPI अपडेट: PhonePe और Google Pay पर अब बिना पिन भुगतान

NPCI ने PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे UPI ऐप्स के लिए बायोमेट्रिक भुगतान सुविधा शुरू की है। अब यूजर्स ₹5,000 तक का लेनदेन बिना पिन डाले, फिंगरप्रिंट या फेस आईडी के जरिए कर सकेंगे। यह सुविधा एंड्रॉइड और आईफोन दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई गई है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) उपयोगकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी अपडेट जारी किया है और इस नए अपडेट के तहत, PhonePe, Google Pay, Paytm और BHIM जैसे प्रमुख भुगतान ऐप्स ने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर को रोल आउट करना शुरू कर दिया है। इस सुविधा के सक्रिय होने के बाद, यूजर्स को ₹5,000 तक के लेनदेन के लिए मैन्युअल रूप से यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, वे अपने स्मार्टफोन के फिंगरप्रिंट सेंसर या फेस आईडी का उपयोग करके भुगतान को प्रमाणित कर सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम डिजिटल लेनदेन को अधिक सुगम और तेज बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्लेटफॉर्म और डिवाइस पर विस्तार

रिपोर्टों के अनुसार, बायोमेट्रिक भुगतान की यह सुविधा शुरुआत में केवल कुछ चुनिंदा एंड्रॉइड ऐप्स जैसे Amazon Pay और PhonePe पर परीक्षण के तौर पर उपलब्ध थी। हालांकि, अब NPCI ने इसे सभी प्रमुख यूपीआई ऐप्स के लिए अनिवार्य रूप से इनेबल कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब आईफोन (iPhone) यूजर्स भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। आईफोन पर फेस आईडी (Face ID) के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया को पूरा किया जा सकेगा, जबकि एंड्रॉइड डिवाइस पर फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे। यह विस्तार सुनिश्चित करता है कि विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन उपयोगकर्ता समान स्तर की सुविधा प्राप्त कर सकें।

लेनदेन की सीमा और सुरक्षा ढांचा

सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए, NPCI ने बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के लिए ₹5,000 की अधिकतम सीमा निर्धारित की है। ₹5,000 से अधिक के किसी भी लेनदेन के लिए सुरक्षा कारणों से अभी भी पारंपरिक यूपीआई पिन की आवश्यकता होगी। अधिकारियों के अनुसार, बायोमेट्रिक डेटा फोन के सुरक्षित हार्डवेयर (Secure Element) में स्टोर रहता है और इसे भुगतान ऐप के साथ साझा नहीं किया जाता है, जिससे सुरक्षा का स्तर बना रहता है। यह फीचर विशेष रूप से उन छोटे और मध्यम आकार के लेनदेन के लिए डिज़ाइन किया गया है जो दैनिक आधार पर किए जाते हैं। आंकड़ों के अनुसार, भारत में होने वाले कुल यूपीआई लेनदेन का एक बड़ा हिस्सा ₹5,000 से कम की श्रेणी में आता है।

बायोमेट्रिक फीचर सक्रिय करने की प्रक्रिया

उपयोगकर्ताओं को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले अपने संबंधित यूपीआई ऐप को गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से नवीनतम संस्करण में अपडेट करना होगा और ऐप अपडेट होने के बाद, सेटिंग्स मेनू में जाकर 'Biometric Payment' या 'Pay With Face ID' विकल्प को खोजना होगा। इसके बाद, उपयोगकर्ता को उस बैंक खाते का चयन करना होगा जिसके लिए वे बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण सक्षम करना चाहते हैं। प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक बार यूपीआई पिन दर्ज करना होगा, जिसके बाद बायोमेट्रिक फीचर सक्रिय हो जाएगा और एक बार सक्रिय होने पर, भविष्य के लेनदेन के दौरान ऐप स्वतः ही पिन के बजाय बायोमेट्रिक स्कैन का विकल्प प्रदान करेगा।

डिजिटल लेनदेन की गति में सुधार

NPCI का मानना है कि बायोमेट्रिक फीचर के आने से लेनदेन में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी। अक्सर भीड़भाड़ वाले स्थानों या दुकानों पर पिन दर्ज करने में समय लगता है और कभी-कभी पिन भूल जाने या गलत दर्ज होने के कारण लेनदेन विफल हो जाता है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण इन बाधाओं को दूर करता है और एक 'कॉन्टैक्टलेस' अनुभव प्रदान करता है। यह तकनीक विशेष रूप से उन बुजुर्गों या नए उपयोगकर्ताओं के लिए भी सहायक होगी जिन्हें बार-बार पिन याद रखने में कठिनाई होती है और डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में यह बदलाव न केवल सुविधा बढ़ाएगा बल्कि लेनदेन की सफलता दर (Success Rate) में भी सुधार करेगा।

एनपीसीआई का रणनीतिक दृष्टिकोण

यह अपडेट भारत सरकार और NPCI के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है जिसके तहत देश को एक पूर्णतः डिजिटल और कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर ले जाना है। यूपीआई लाइट (UPI Lite) के बाद, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को डिजिटल भुगतान की दिशा में अगला बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस फीचर का उद्देश्य सुरक्षा से समझौता किए बिना उपयोगकर्ता अनुभव को सरल बनाना है। आने वाले समय में, अन्य छोटे भुगतान सेवा प्रदाताओं (PSPs) द्वारा भी इस तकनीक को अपनाने की उम्मीद है, जिससे पूरे देश में एक समान डिजिटल भुगतान अनुभव सुनिश्चित किया जा सके।