केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जारी किए गए MATRIZE के एग्जिट पोल के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर को स्पष्ट करने का प्रयास किया है। इन आंकड़ों के अनुसार, केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सरकार बनने के प्रबल आसार हैं। 140 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ों को पार करते हुए UDF को 70 से 75 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) इस दौड़ में थोड़ा पीछे नजर आ रहा है, जिसे 60-65 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
एग्जिट पोल के मुख्य आंकड़े और गठबंधन की स्थिति
क्षेत्रीय प्रदर्शन: मालाबार, मध्य और दक्षिण केरल का हाल
MATRIZE एग्जिट पोल ने केरल को तीन प्रमुख क्षेत्रों में बांटकर सीटों का अनुमान पेश किया है। मालाबार इलाके की कुल 48 सीटों में से UDF को 28-31 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि LDF को 11-14 सीटें मिल सकती हैं। इस क्षेत्र में बीजेपी को 02-04 सीटें और अन्य को भी 02-04 सीटें मिलने की संभावना है। मध्य केरल की 44 सीटों की बात करें तो यहाँ UDF को 23-25 सीटें और LDF को 17-19 सीटें मिल सकती हैं। बीजेपी को यहाँ 01-02 सीटें और अन्य को 00-01 सीट मिलने का अनुमान है। दक्षिण केरल की 48 सीटों में भी UDF बढ़त बनाता दिख रहा है, जहाँ उसे 25-27 सीटें मिल सकती हैं, जबकि LDF को 16-18 सीटें और बीजेपी को 02-04 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य के खाते में यहाँ 01-03 सीटें जा सकती हैं।
प्रमुख चेहरे और राजनीतिक समीकरण
केरल का यह चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान में पूरे देश में केवल केरल में ही वामपंथी दलों की सरकार है और यदि एग्जिट पोल के नतीजे मतगणना में सही साबित होते हैं, तो वामपंथियों के हाथ से यह आखिरी किला भी खिसक सकता है। इस चुनाव में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव चंद्रशेखर की सीटों पर विशेष नजर बनी हुई है। दोनों ही गठबंधन, LDF और UDF ने सभी 140 सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा है, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया है।
वोट प्रतिशत और अन्य उम्मीदवारों की भूमिका
5% वोट मिलने का अनुमान है। 4% वोट मिलने की संभावना जताई गई है, जो राज्य की राजनीति में तीसरे कोण को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। 4% वोट के साथ 02 से 04 सीटें मिलने का अनुमान है। केरल विधानसभा चुनाव के ये आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि राज्य की जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया हो सकता है, जिससे UDF को स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद है।
