ट्रंप का बड़ा ऐलान: ईरान की ओर बढ़ रहा अमेरिकी सैन्य बेड़ा, दुनिया में मची खलबली

दावोस से लौटते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़े सैन्य बेड़े (Armada) की घोषणा की है। उन्होंने यूक्रेन युद्ध, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला के तेल पर भी अपनी रणनीति साझा की।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है और दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक से लौटते समय उन्होंने ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का एक विशाल सैन्य बेड़ा यानी 'आर्मडा' ईरान की ओर बढ़ रहा है और यह घोषणा वैश्विक राजनीति में एक नया उबाल ले आई है। ट्रंप ने कहा कि हम ईरान पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं और हमारी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

ईरान की ओर बढ़ता अमेरिकी सैन्य बेड़ा

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी एक बहुत बड़ी सेना ईरान की दिशा में कूच कर रही है। उन्होंने इसे एक 'आर्मडा' करार दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर बहुत बारीकी से नजर रख रहा है और ट्रंप के अनुसार, इस सैन्य जमावड़े का उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान को उसकी सीमाओं में रखना है। उन्होंने कहा, 'हम देखेंगे कि क्या होता है, लेकिन हम पूरी तरह तैयार हैं।

ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध और टैरिफ

सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ ट्रंप ने आर्थिक मोर्चे पर भी ईरान को घेरने की तैयारी कर ली है। उन्होंने घोषणा की कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश या कंपनी पर 25% का भारी टैरिफ लगाया जाएगा और ट्रंप ने कहा कि यह नियम बहुत जल्द लागू हो जाएगा। ईरान में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों और उनमें हुई मौतों पर दुख जताते हुए ट्रंप ने कहा कि वहां मरने वालों की संख्या बहुत अधिक हो सकती है, शायद 20,000 के करीब, और अमेरिका इसकी सटीक जांच करेगा।

ग्रीनलैंड और 'गोल्डन डोम' का सपना

ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी पुरानी योजना को फिर से हवा दी है। उन्होंने कहा कि अगले दो हफ्तों में ग्रीनलैंड को लेकर कुछ बड़ा होने वाला है। ट्रंप ने एक दिलचस्प विचार साझा करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड के बर्फ के टुकड़े को 'गोल्डन डोम' से ढक देना यूरोप और अमेरिका दोनों के लिए बेहतर होगा और जब उनसे पूछा गया कि क्या डेनमार्क इस डील के लिए तैयार है, तो उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि यह विचार सबको पसंद आ रहा है।

यूक्रेन-रूस युद्ध और पुतिन का 'बोर्ड ऑफ पीस'

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध पर ट्रंप ने मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि वहां के लोग बिना। हीटर के शून्य से 20 डिग्री नीचे के तापमान में रह रहे हैं, जो कि कनाडा से भी ज्यादा ठंडा है। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने की संभावना पर भी बात की। ट्रंप ने कहा कि पुतिन शांति के लिए एक अरब डॉलर का योगदान दे सकते हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि जब अमेरिका मजबूत होता है, तो यूरोप भी सुरक्षित रहता है।

गाजा और वेनेजुएला पर ट्रंप की रणनीति

गाजा बोर्ड ऑफ पीस के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि कई देश इसमें शामिल होने के लिए एक अरब डॉलर से अधिक की एंट्री फीस दे रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह भविष्य में भी इस शांति बोर्ड के अध्यक्ष बने रह सकते हैं। वहीं, वेनेजुएला के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि वहां जल्द ही तेल की ड्रिलिंग शुरू होगी और उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां वेनेजुएला जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिका पहले अपना बकाया पैसा वापस लेना चाहता है।