ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: शांति समझौते के बिना नहीं मिलेगी फ्रीज संपत्ति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ शांति समझौता होने तक उसकी फ्रीज संपत्तियां जारी नहीं की जाएंगी। उन्होंने परमाणु हथियारों पर कड़ा रुख अपनाते हुए मोजतबा खामेनेई को अपने पिता से अधिक समझदार बताया और सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा बयान जारी किया है और ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ईरान के साथ एक औपचारिक शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी नहीं किया जाएगा और न ही उन पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाएगा। 60 दिनों की समय सीमा समाप्त होने से पहले दिए गए इस बयान में ट्रंप ने बातचीत के लिए द्वार तो खुले रखे हैं, लेकिन इसके लिए अच्छे व्यवहार की अनिवार्य शर्त रखी है। राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि वे एक बड़े समझौते के करीब हैं, लेकिन उन्होंने सैन्य कार्रवाई की धमकी देने से भी परहेज नहीं किया।

यूरेनियम और परमाणु हथियारों पर सख्त रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा किया है और उन्होंने कहा कि अमेरिका इस सामग्री को वापस लेने और नष्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है, चाहे इसमें तेहरान का सहयोग मिले या नहीं। ट्रंप ने इसके लिए दो संभावित स्थितियों का वर्णन किया। पहली स्थिति में, यदि कोई शांति समझौता होता है, तो अमेरिका और ईरान मिलकर इस सामग्री को नष्ट करेंगे। ट्रंप के अनुसार, मैत्रीपूर्ण संबंधों की स्थिति में अमेरिकी उपकरणों का उपयोग करके इस सामग्री को ऑन-साइट या ऑफ-साइट सुरक्षित रूप से हटाया जाएगा।

दूसरी स्थिति में, यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका सैन्य रूप से ईरान को इतना कमजोर कर देगा कि अमेरिकी सेना सुरक्षित रूप से वहां पहुंचकर परमाणु सामग्री को जब्त कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स के सैटेलाइट पहले से ही ईरान की परमाणु साइटों पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहे हैं। परमाणु हथियारों के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने एक ऐसा क्लॉज शामिल किया है जो ईरान को न केवल परमाणु हथियार विकसित करने से रोकता है, बल्कि उन्हें बाहर से खरीदने या किसी भी तरह से हासिल करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाता है। उन्होंने कहा कि ईरानियों ने शुरू में थोड़ा विरोध किया लेकिन बाद में वे इस शर्त पर मान गए।

मोजतबा खामेनेई और खुफिया जानकारी

एक हालिया इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बारे में अपनी राय साझा की। ट्रंप ने मोजतबा को उनके पिता की तुलना में ज्यादा समझदार करार दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मोजतबा वर्तमान में गंभीर रूप से घायल हैं, जिसे ट्रंप ने एक प्रकार की बहादुरी बताया। राष्ट्रपति ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि वे जानते हैं कि मोजतबा खामेनेई इस समय कहां छिपे हैं, हालांकि उन्होंने सुरक्षा कारणों से उस स्थान का खुलासा करने से इनकार कर दिया। मोजतबा को युद्ध शुरू होने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।

ट्रंप ने कहा कि मोजतबा खामेनेई किसी भी समझौते की मंजूरी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वे उनसे सीधे बात करने के लिए तैयार हैं और उन्होंने कहा, अगर वह चाहें तो मैं बात करूंगा, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक उनके बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। ट्रंप का यह बयान दर्शाता है कि वे ईरान के नेतृत्व के साथ सीधे संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के इच्छुक हैं, बशर्ते ईरान अपनी गतिविधियों में सुधार करे।

सैन्य उपस्थिति और आर्थिक प्रभाव

क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी योजना वहां तैनात लगभग 50000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि इन सैनिकों को वहां बनाए रखने का खर्च बहुत कम है और उन्हें वापस बुलाना एक बेवकूफी भरा कदम होगा क्योंकि भविष्य में उनकी आवश्यकता पड़ सकती है। ट्रंप ने विश्वास जताया कि जब तक मिशन पूरा नहीं हो जाता, तब तक ये सैनिक वहीं तैनात रहेंगे। आर्थिक मोर्चे पर, ट्रंप ने स्वीकार किया कि युद्ध के कारण अमेरिकियों के लिए गैसोलीन और उर्वरकों की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, उन्होंने इसे एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताया और वादा किया कि युद्ध समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी और जनता को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।