यूक्रेन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ओडेसा पोर्ट पर एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले के बाद काला सागर (ब्लैक सी) क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इस हमले की चपेट में एमवी एजीएन राग्नार नामक जहाज आया है, जिस पर चार भारतीय नागरिक सवार थे। यह घटना भारतीय राजनयिक हलकों में गहरी चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि पिछले एक सप्ताह के भीतर इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों से जुड़ी यह दूसरी बड़ी और गंभीर घटना है।
ओडेसा पोर्ट पर हमले का विस्तृत विवरण
कीव स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एमवी एजीएन राग्नार पर यह हमला शनिवार को हुआ। यह जहाज ओडेसा पोर्ट पर मौजूद था, जो काला सागर में यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री द्वारों में से एक माना जाता है। दूतावास ने पुष्टि की है कि जहाज पर सवार चार भारतीय चालक दल के सदस्यों में से दो पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, बाकी दो चालक दल के सदस्यों के बारे में अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है और उनकी सुरक्षा को लेकर आधिकारिक सूचना का इंतजार किया जा रहा है। भारतीय मिशन ने कहा है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में है।
संघर्ष का संदर्भ और पिछली घटनाएं
ओडेसा पोर्ट साल 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से ही लगातार हमलों का निशाना बनता रहा है। अनाज निर्यात और समुद्री व्यापार के लिए इस बंदरगाह की अहमियत को देखते हुए इसे रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। एमवी एजीएन राग्नार से जुड़ी यह ताजा घटना उन निरंतर और बढ़ते खतरों को रेखांकित करती है, जिनका सामना इन अशांत जल क्षेत्रों में कमर्शियल जहाजों को करना पड़ रहा है। यह हमला ओडेसा पोर्ट पर ही हुए एक पिछले रूसी हमले के कुछ ही दिनों बाद हुआ है, जिसमें चार भारतीय नाविकों की दुखद मृत्यु हो गई थी और उस घटना के बाद, भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में रूस के सबसे वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया था और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
भारतीय नाविकों के लिए विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी
बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए, भारत सरकार ने काला सागर में कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले अपने नागरिकों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन क्षेत्रों में चलने वाले या यहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा से जुड़े बड़े खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें विशेष रूप से मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरों का उल्लेख किया गया है। विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, अप्रैल के महीने से कमर्शियल जहाजों पर होने वाले ऐसे हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिनमें अब तक 5 भारतीयों की जान जा चुकी है।
समुद्री कर्मियों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देश
एडवाइजरी में उन नाविकों के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं जो इस क्षेत्र में काम करने की योजना बना रहे हैं। उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी गई है। इन कदमों में नियोक्ताओं, भर्ती एजेंसियों और जहाज ऑपरेटरों से निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियों की मांग करना शामिल है और इसमें जहाज का विशिष्ट मार्ग (रूट), बंदरगाहों की सूची जहां जहाज रुकेगा, जहाज पर सुरक्षा के इंतजाम, चालक दल के लिए बीमा कवरेज और आपातकालीन स्थिति में कार्रवाई के तरीकों के बारे में पूरी जानकारी लेना शामिल है। भारत सरकार ने जोर दिया है कि उसके नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी समुद्री हितधारकों को इन सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
