एस्टोनिया के आसमान में घुसा संदिग्ध यूक्रेनी ड्रोन, रोमानिया के फाइटर जेट ने किया तबाह

नाटो के एयर पुलिसिंग मिशन के तहत एस्टोनिया में तैनात रोमानिया के एक एफ-16 लड़ाकू विमान ने एक संदिग्ध यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया है। अधिकारियों का मानना है कि यह ड्रोन रूस के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था, लेकिन यह नाटो के हवाई क्षेत्र में घुस गया। यह घटना हालिया तनावपूर्ण माहौल के बीच हुई है।

यूरोपीय देश एस्टोनिया के दक्षिणी क्षेत्र में तैनात रोमानिया के एक एफ-16 लड़ाकू विमान ने मंगलवार को एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराने की महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। आधिकारिक सूत्रों और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह ड्रोन संभवतः यूक्रेन का था और रूस की ओर बढ़ रहा था, लेकिन अपनी दिशा भटकने के कारण वह नाटो के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया। यह कार्रवाई नाटो के एयर पुलिसिंग मिशन के तहत की गई, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रक्षा मंत्री का बयान और जांच के तथ्य

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हैनो पेवकुर ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ड्रोन की दिशा और उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे एक बड़े खतरे के रूप में देखा गया। इसी कारण उसे तुरंत नष्ट करने का फैसला लिया गया। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि शुरुआती जांच से यह संकेत मिलते हैं कि ड्रोन का मुख्य लक्ष्य रूस के अंदर स्थित कुछ ठिकानों पर हमला करना था। पेवकुर ने स्पष्ट किया कि पूरी संभावना है कि यह एक ऐसा ड्रोन था जिसका मकसद रूस के सैन्य या रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना था, लेकिन वह गलती से नाटो के इलाके में दाखिल हो गया।

नाटो क्षेत्र में बढ़ती घुसपैठ की घटनाएं

पिछले कुछ महीनों के दौरान ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जिनमें रूस को निशाना बनाने वाले यूक्रेनी ड्रोन नाटो के सदस्य देशों के इलाके में घुस आए या वहां दुर्घटनाग्रस्त हो गए। यह ताजा घटना उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। यूक्रेन ने हाल के समय में अपने ड्रोन हमलों की तीव्रता को काफी बढ़ा दिया है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य रूस की ऊर्जा इकाइयों और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचाना है और इन गतिविधियों के कारण सीमावर्ती देशों के हवाई क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ गई हैं।

रूस पर हुआ अब तक का बड़ा हमला

इस घटना से ठीक पहले रविवार को यूक्रेन ने रूस पर एक बहुत बड़ा ड्रोन हमला किया था। इस हमले में कम से कम 4 लोगों की जान चली गई, जिनमें से 3 लोगों की मौत मॉस्को के पास हुई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इन हमलों में 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हमले के दौरान ड्रोन का मलबा रूस के सबसे बड़े हवाई अड्डे के पास भी गिरा, हालांकि वहां किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इन हमलों की पुष्टि की है और इन्हें पूरी तरह से न्यायसंगत करार दिया है।

युद्ध का विस्तार और मानवीय क्षति

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस युद्ध में दोनों ओर से भारी नुकसान हो रहा है। रूस ने भी युद्ध के दौरान यूक्रेन की राजधानी और अन्य प्रमुख शहरों पर लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि शनिवार रात रूस द्वारा किए गए ड्रोन हमलों में उनके इलाके के 8 लोग घायल हुए हैं। एस्टोनिया में हुई यह ताजा घटना दर्शाती है कि युद्ध का प्रभाव अब पड़ोसी देशों के हवाई क्षेत्र तक फैल रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।