ट्रंप पर ह्वाइट हाउस में हमला: क्या खामेनेई की मौत का बदला लेने पहुंचा था हमलावर?

ह्वाइट हाउस में डिनर के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कोशिश हुई। सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी करते हुए हमलावर ट्रंप के करीब पहुंच गया था। यह घटना ईरान-अमेरिका तनाव और अली खामेनेई की हत्या के संदर्भ में देखी जा रही है। एफबीआई मामले की जांच कर रही है।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भीषण संघर्ष और तनावों के बीच ह्वाइट हाउस में शनिवार की रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है और ह्वाइट हाउस में आयोजित एक डिनर कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जान पर बड़ा खतरा मंडराया। एक अज्ञात हमलावर सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां चलाते हुए ट्रंप के बिल्कुल करीब पहुंच चुका था। बताया जा रहा है कि मौत और ट्रंप के बीच बस कुछ ही सेकेंड का फासला रह गया था। ह्वाइट हाउस में चल रही इस डिनर पार्टी के दौरान ट्रंप के सुरक्षाकर्मियों की आंखों के सामने से हमलावर गोली की रफ्तार से अंदर घुस गया और फिल्मी स्टाइल में रास्ते में आने वाले सभी सुरक्षाकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगा। इस घटना से पूरे ह्वाइट हाउस में हड़कंप मच गया। उस समय डोनाल्ड ट्रंप कुछ अधिकारियों के साथ टेबल पर बैठकर वार्तालाप कर रहे थे।

ह्वाइट हाउस डिनर के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक

जब यह हमला हुआ, उस दौरान व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन की वार्षिक डिनर पार्टी चल रही थी। ह्वाइट हाउस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अज्ञात खतरे की सूचना मिलते ही ट्रंप को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उन्हें कोई चोट नहीं पहुंची और अमेरिका के एक कानून प्रवर्तन अधिकारी ने पुष्टि की है कि हमलावर ने बॉलरूम के बाहर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जहां ट्रंप और अन्य मेहमान मौजूद थे। इस हमले के तुरंत बाद सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। एफबीआई ने जानकारी दी है कि हमलावर अब उनकी हिरासत में है और वाशिंगटन फील्ड ऑफिस इस गोलीबारी की घटना पर गहनता से प्रतिक्रिया दे रहा है। सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को भांपते हुए ट्रंप को टेबल के नीचे छुपाया और फिर सुरक्षित स्थान पर ले गए।

ईरान कनेक्शन और खामेनेई की मौत का बदला

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों के भीषण युद्ध के बाद एक तनावपूर्ण सीजफायर चल रहा है। शांति वार्ता का दूसरा दौर भी अब तक पूरा नहीं हो सका है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद अली खामेनेई की एक भीषण बम हमले में हत्या कर दी थी। इसके बाद से ही ईरानी सेना ने इजरायल और मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी सैन्य व ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन बरसाने शुरू कर दिए थे। ईरान ने लगातार अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने की बात कही है। अब सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इस हमलावर का ईरान से कोई संबंध था और क्या वह खामेनेई की हत्या का प्रतिशोध लेने के उद्देश्य से ह्वाइट हाउस पहुंचा था।

ट्रंप की प्रतिक्रिया और सुरक्षा बलों की सराहना

हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ह्वाइट हाउस में अपना बयान जारी किया। उन्होंने इस घटना को पूरी तरह अप्रत्याशित बताया लेकिन सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की त्वरित और बहादुर कार्रवाई की जमकर सराहना की और ट्रंप ने विशेष रूप से उस अधिकारी की तारीफ की जिसे गोली लगी थी, लेकिन बुलेटप्रूफ वेस्ट की वजह से उनकी जान बच गई। ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति होना एक खतरनाक पेशा है और इस तरह के प्रयास इस नौकरी का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया एक हिंसक जगह है, लेकिन यह उन्हें अपना काम करने से नहीं रोक पाएगी। ट्रंप ने फर्स्ट लेडी मेलानिया की भी प्रशंसा की, जिन्होंने तुरंत स्थिति को भांप लिया था कि गोलियां चल रही हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इस डिनर कार्यक्रम को फिर से पुनर्निर्धारित किया जाएगा और अगला कार्यक्रम पहले से भी अधिक सुरक्षित होगा। उन्होंने सीक्रेट सर्विस को धन्यवाद देते हुए स्पष्ट किया कि हमलावर बॉलरूम के मुख्य हिस्से तक पहुंचने से अभी दूर था। ट्रंप ने शांत और दृढ़ स्वर में सुरक्षा एजेंसियों की प्रशंसा की और देश के प्रति अपना संकल्प दोहराया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हमलावर की मंशा और उसके संभावित विदेशी संपर्कों की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह वास्तव में एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा था।