धमतरी / देर शाम खाना बनाने के बाद घर से निकली दो बहनें, आधे घंटे बाद पेड़ से लटके मिले दोनों के शव

छत्तीसगढ़ के धमतरी में शुक्रवार रात तालाब के किनारे दो बहनों के शव पेड़ से लटके मिले। दोनों के शव चुन्नियों से बंधे हुए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन शवों को नीचे नहीं उतारा गया। सारी रात दोनों बहनों के शव पेड़ से ही लटके रहे। उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। शनिवार सुबह शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

धमतरी | छत्तीसगढ़ के धमतरी में शुक्रवार रात तालाब के किनारे दो बहनों के शव पेड़ से लटके मिले। दोनों के शव चुन्नियों से बंधे हुए थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन शवों को नीचे नहीं उतारा गया। सारी रात दोनों बहनों के शव पेड़ से ही लटके रहे। उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। शनिवार सुबह शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। 

जानकारी के मुताबिक, कुरुद क्षेत्र के ग्राम डाही निवासी चंद्रकला सोनवानी (22) और अंजू सोनवानी (20) दोनों पुत्री चंद्रेश सोनवानी का शव शुक्रवार रात करीब 8 बजे तालाब किनारे पेड़ से लटके मिले। ग्रामीणों ने रात को शव लटके देखे तो कोटवार को जानकारी दी। पुलिस इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या मान जा रही है। उसका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 

बताया जा रहा है कि दोनों बहनें शुक्रवार देर शाम करीब 7.30 बजे खाना बना रही थीं। इसके बाद  दोनों कुछ देर में आने की बात कहकर घर से निकल गईं। काफी समय बीतने के बाद भी नहीं लौटीं तो परिजनों ने तलाश शुरू की। इस बीच किसी ग्रामीण ने शव देखा तो गांव वालों को बताया। जानकारी मिलने पर चंद्रेश मौके पर पहुंचा और शवों की शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। 

पुलिस का कहना है कि रात काफी होने के कारण पंचनामा भरना संभव नहीं था। इसके चलते शवों को पेड़ से नहीं उतारा गया। उनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। दोनों बहनों के पिता चंद्रेश सोनवानी के 7 बच्चे थे। इसमें 4 लड़के और 3 लड़कियां थीं। बड़ी बहन चंद्रकला बीए अंतिम वर्ष की छात्रा थी और छोटी अंजू पढ़ाई छोड़ चुकी थी। एएसपी मनीषा ठाकुर ने बताया कि कोटवार के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी।

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