नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: पहले चरण में 12 शहरों के लिए उड़ानें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। पहले चरण में मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित 12 प्रमुख भारतीय शहरों के लिए हवाई सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके बाद दूसरे चरण में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार किया जाएगा, जिससे दिल्ली-NCR के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित जेवर में निर्मित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) अपने परिचालन के पहले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह के साथ ही एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन की समयसीमा और गंतव्यों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में देश के 12 प्रमुख शहरों को सीधे हवाई मार्ग से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इन शहरों का चयन उच्च यात्री मांग और व्यावसायिक गतिविधियों के आधार पर किया गया है।

जेवर एयरपोर्ट का विकास सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत किया गया है। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। 20 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। उद्घाटन के बाद, तकनीकी परीक्षणों और सुरक्षा मंजूरियों के अंतिम दौर को पूरा कर नियमित उड़ानें शुरू कर दी जाएंगी।

घरेलू उड़ानों के लिए चयनित 12 प्रमुख शहर

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पहले चरण में जिन 12 शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी, उनमें भारत के लगभग सभी बड़े आर्थिक केंद्र शामिल हैं। इस सूची में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ, पटना, जयपुर, चंडीगढ़ और गोवा शामिल हैं। इन शहरों के चयन के पीछे मुख्य उद्देश्य दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को उनके घर के नजदीक से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करना है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए उड़ानों की आवृत्ति अधिक रहने की संभावना है क्योंकि इन मार्गों पर कॉर्पोरेट यात्रियों की संख्या सर्वाधिक रहती है।

अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और विस्तार की आगामी योजना

पहले चरण के सफल संचालन के बाद, जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के विस्तार पर काम शुरू होगा और अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत खाड़ी देशों (जैसे दुबई और अबू धाबी), दक्षिण-पूर्व एशिया (सिंगापुर और बैंकॉक) और यूरोप के कुछ प्रमुख देशों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की योजना है। अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए विदेशी एयरलाइंस के साथ बातचीत चल रही है। एयरपोर्ट प्रशासन का लक्ष्य है कि जेवर को एक वैश्विक विमानन हब के रूप में विकसित किया जाए, जो कार्गो और यात्री दोनों क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सके।

एयरलाइंस के साथ समन्वय और परिचालन की तैयारी

नागरिक उड्डयन विभाग और एयरपोर्ट ऑपरेटर 'यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड' (YIAPL) विभिन्न घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ निरंतर संपर्क में हैं। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने पहले ही जेवर से परिचालन शुरू करने में गहरी रुचि दिखाई है। अधिकारियों के अनुसार, एयरलाइंस के साथ स्लॉट आवंटन और ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं पर चर्चा अंतिम चरण में है। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम और रनवे लाइटिंग का परीक्षण सफल रहा है, जो खराब दृश्यता के दौरान भी उड़ानों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करेगा।

दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर प्रभाव

जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-NCR, विशेषकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के निवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में इन क्षेत्रों के यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जाना पड़ता है, जिसमें यातायात के कारण काफी समय लगता है। 00 घंटे की बचत होने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और मेरठ जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए भी यह एयरपोर्ट सबसे निकटतम हवाई केंद्र बन जाएगा और इससे क्षेत्र में पर्यटन और रसद (Logistics) क्षेत्र को भी गति मिलने की संभावना है।

मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा

एयरपोर्ट को यात्रियों के लिए सुलभ बनाने हेतु सरकार ने मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया है। जेवर एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने के लिए लिंक रोड का निर्माण किया गया है। इसके अलावा, इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जा रहा है। भविष्य में एयरपोर्ट को दिल्ली मेट्रो की एक्वा लाइन और एक प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल लिंक (RRTS) के माध्यम से जोड़ने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर के भीतर यात्रियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं, जैसे स्वचालित चेक-इन काउंटर, डिजिटल गेट्स और विशाल पार्किंग क्षेत्र विकसित किए गए हैं।