उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा जोरों पर है। समाजवादी पार्टी के सांसद रामाशंकर राजभर ने शनिवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी ने कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है और जल्द ही इसका आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। हालांकि, राजभर ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी या सीटों की कुल संख्या क्या होगी, लेकिन उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल जरूर पैदा कर दी है और इसके साथ ही सपा सांसद ने यह भी घोषणा की कि समाजवादी पार्टी आगामी 26 दिसंबर नहीं बल्कि 26 नवंबर को अपना आधिकारिक घोषणापत्र जारी करेगी, जिससे साफ है कि पार्टी ने उत्तर प्रदेश चुनाव 2027 के लिए अपनी तैयारियां काफी तेज कर दी हैं।
कांग्रेस के बयानों और समिति के गठन पर सियासी चर्चा
सपा सांसद रामाशंकर राजभर का यह ताजा बयान कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के उस बयान के ठीक तीन दिन बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने सीट बंटवारे पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष समिति बनाने की बात कही थी। बुधवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए INDIA गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया था कि कांग्रेस पार्टी ने अपनी ओर से कुछ खास सीटों पर अपना कड़ा दावा पेश किया है। कांग्रेस का तर्क है कि इन चुनिंदा सीटों पर उनका दावा जनता के बीच उनके भरोसे, संगठन की मजबूती और जमीनी स्तर पर लगातार बढ़ रहे प्रभाव के आधार पर पूरी तरह से न्यायसंगत है।
राहुल गांधी के प्रभाव और लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला
कांग्रेस पार्टी की ओर से सीट बंटवारे की मांग के पीछे साल 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का प्रमुख रूप से हवाला दिया गया है। A और गठबंधन का 43 सीटों पर जीत दर्ज करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि गठबंधन का प्रदर्शन शानदार रहा था और इसमें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का प्रभाव साफ तौर पर दिखाई देता है। गौतम का कहना था कि कांग्रेस अपने संगठन को पूरी मजबूती के साथ जमीनी स्तर पर लगातार पुनर्जीवित और मजबूत कर रही है, जिससे पार्टी लगातार आगे बढ़ रही है और लोकसभा चुनाव के इन नतीजों, राहुल गांधी के नेतृत्व और प्रभाव, संगठन की वास्तविक ताकत और जनता के अटूट भरोसे को आधार बनाते हुए कांग्रेस ने गठबंधन में अपनी सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग रखी है। पार्टी का मानना है कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही सीटों का सही बंटवारा होना चाहिए।
सम्मानजनक समझौते और भविष्य की रणनीति पर नजर
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि गठबंधन के प्रमुख नेताओं के बीच सीट बंटवारे को लेकर लगातार बातचीत चल रही है और उन्होंने पूरा भरोसा जताया था कि दोनों पक्षों यानी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच एक बेहद सम्मानजनक समझौता तय होगा। गौतम के अनुसार, इस समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही इसकी पूरी जानकारी जनता और मीडिया के सामने सार्वजनिक की जाएगी और वर्तमान में कुछ संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर गहन चर्चा चल रही है और उचित समय आने पर इसके सकारात्मक परिणामों की जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि सीट बंटवारे से जुड़े मामलों पर बातचीत अभी रुकी नहीं है बल्कि प्रक्रिया जारी है। एक तरफ जहां सपा सांसद रामाशंकर राजभर फॉर्मूला तय होने और जल्द ऐलान की बात कह रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता समिति के जरिए चर्चा आगे बढ़ाने की बात कर रहे थे। इन दोनों बयानों में थोड़ा अंतर दिखने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों दल मिलकर आधिकारिक रूप से अपनी रणनीति का ऐलान कब करते हैं।
