पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इस ताजा तनाव की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर का क्रैश होना है। इस घटना के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान के भीतर कई रणनीतिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए और जवाब में ईरान ने भी बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है जिससे दोनों देशों के बीच पहले से चला आ रहा संघर्ष अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ गया है।
तनाव की शुरुआत: होर्मुज के पास अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश
दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति तब पैदा हुई जब मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया और हालांकि इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया लेकिन इस घटना ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। अमेरिका का दावा है कि यह हेलीकॉप्टर एक ईरानी ड्रोन से टकराने के बाद क्रैश हुआ था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान ने ही इस हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। दूसरी ओर ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि उसने हेलीकॉप्टर को निशाना नहीं बनाया था। इसके बावजूद अमेरिकी प्रशासन ने इसे एक उकसावे वाली कार्रवाई माना और जवाबी हमले का फैसला किया।
ईरान पर अमेरिकी हवाई हमले: कई शहर दहल उठे
हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद अमेरिका ने इसे आत्मरक्षा की कार्रवाई बताते हुए ईरान के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ निशाना बनाया जिनमें केशम द्वीप, होर्मुज, जास्क, सिरिक, बंदर अब्बास और बुशहर शामिल हैं। इन इलाकों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ईरान की गतिविधियों के जवाब में की गई है और अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इन हमलों ने ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है जिससे क्षेत्र में युद्ध की चिंगारी और भड़क गई है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: बहरीन में अमेरिकी बेस पर हमला
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की सेना ने भी तत्काल जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को अपना निशाना बनाया। ईरान ने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (फिफ्थ फ्लीट) पर ड्रोन और कई बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया और iRGC ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने दुश्मन के हमलों का करारा जवाब दिया है। बहरीन जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर अमेरिकी नौसेना को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि ईरान इस संघर्ष को कम करने के मूड में नहीं है।
अप्रैल का सीजफायर हुआ खत्म
अमेरिका और ईरान के बीच इस साल अप्रैल में एक युद्धविराम (सीजफायर) हुआ था लेकिन हालिया घटनाओं ने इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया है। इजराइल द्वारा लेबनान पर किए गए हमलों और उसके जवाब में ईरान द्वारा इजराइल को निशाना बनाए जाने के बाद से ही यह समझौता कमजोर पड़ रहा था। अब अमेरिका और ईरान के बीच सीधे सैन्य टकराव ने इस सीजफायर को पूरी तरह से तोड़ दिया है। क्षेत्र में शांति की संभावनाएं अब धुंधली पड़ती दिख रही हैं और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान और भविष्य की रणनीति
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब केवल समझौता करने का ही विकल्प बचा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता तब तक ईरान पर नाकाबंदी जारी रहेगी। इसके साथ ही ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि वह अगले 2 हफ्तों में ईरान पर पूर्ण जीत का ऐलान करेंगे। फिलहाल दोनों देशों के बीच जारी यह सैन्य टकराव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
