टी20 वर्ल्ड कप 2026: ईशान किशन को बाहर करने पर युजवेंद्र चहल की आलोचना

भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी संभावित प्लेइंग इलेवन में ईशान किशन को शामिल न करने पर प्रशंसकों की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। चहल ने संजू सैमसन को प्राथमिकता दी है, जिससे उनके पुराने बयानों पर सवाल उठ रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों एक नए विवाद के केंद्र में हैं और वर्तमान में थाईलैंड में छुट्टियां मना रहे चहल ने आगामी आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी पसंदीदा प्लेइंग इलेवन साझा की है। स्टार स्पोर्ट्स के साथ एक विशेषज्ञ के रूप में जुड़कर उन्होंने जो टीम चुनी है, उसने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। विशेष रूप से ईशान किशन को टीम से बाहर रखने और संजू सैमसन को उन पर तरजीह देने के उनके फैसले ने प्रशंसकों को नाराज कर दिया है।

चयन का विरोधाभास और सोशल मीडिया पर आक्रोश

युजवेंद्र चहल का एक 25-सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी वर्ल्ड कप टीम का चयन कर रहे हैं। प्रशंसकों की नाराजगी का मुख्य कारण चहल का बदलता रुख है। कुछ समय पहले तक चहल सार्वजनिक रूप से ईशान किशन को भारतीय टी20 टीम में अधिक मौके देने की वकालत कर रहे थे। हालांकि, अपनी हालिया प्लेइंग इलेवन में उन्होंने किशन को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर चहल को उनके पुराने बयानों की याद दिलाते हुए 'दोहरा मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया है।

सांख्यिकीय तुलना: किशन बनाम सैमसन

प्रशंसकों के गुस्से का एक बड़ा कारण हालिया प्रदर्शन के आंकड़े भी हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई टी20 सीरीज में ईशान किशन ने शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया था। किशन ने 4 मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक की मदद से महत्वपूर्ण रन बनाए थे। इसके विपरीत, संजू सैमसन उसी सीरीज के दौरान संघर्ष करते नजर आए और पूरी सीरीज में 50 रनों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। खेल प्रेमियों का तर्क है कि फॉर्म और निरंतरता के आधार पर ईशान किशन की दावेदारी संजू सैमसन की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है।

चहल की प्रस्तावित प्लेइंग इलेवन की संरचना

चहल ने अपनी प्लेइंग इलेवन में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण तैयार किया है। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में अभिषेक शर्मा को चुना है और मध्यक्रम में तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या को जगह दी है। फिनिशर की भूमिका के लिए उन्होंने शिवम दुबे और रिंकू सिंह पर भरोसा जताया है, जबकि अक्षर पटेल को ऑलराउंडर के रूप में शामिल किया है और गेंदबाजी विभाग में चहल ने वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह को अपनी टीम में रखा है। हालांकि, विकेटकीपर के स्थान पर संजू सैमसन का चयन ही सबसे अधिक विवादित रहा है।

विश्लेषकों का दृष्टिकोण और भविष्य की राह

खेल विश्लेषकों के अनुसार, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का चयन अभी काफी दूर है और विशेषज्ञों की राय समय के साथ बदलती रहती है। विश्लेषकों का मानना है कि चहल की पसंद व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर आधारित हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक मंच पर विरोधाभासी बयान देना अक्सर खिलाड़ियों के लिए आलोचना का कारण बनता है। भारतीय टीम प्रबंधन के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज का स्थान सबसे चुनौतीपूर्ण चयन होने वाला है, क्योंकि ईशान किशन, संजू सैमसन और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी इस एक स्थान के लिए कड़े प्रतिस्पर्धी हैं।

निष्कर्ष के तौर पर, युजवेंद्र चहल के इस वीडियो ने टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों और टीम संयोजन को लेकर एक नई चर्चा शुरू कर दी है। जहां एक ओर प्रशंसक आंकड़ों और हालिया फॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं चहल जैसे अनुभवी खिलाड़ी शायद टीम के संतुलन और विशिष्ट भूमिकाओं को देख रहे हैं। आने वाले समय में घरेलू सत्र और आईपीएल के प्रदर्शन ही यह तय करेंगे कि 2026 के महाकुंभ में भारत की अंतिम एकादश कैसी होगी। फिलहाल, चहल की यह राय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

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